Yuva Haryana: पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी स्कूल में छह साल की बच्ची के साथ हुई मारपीट और ईंट से हमला करने के मामले में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में आरोपी आठ वर्षीय छात्र का सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच (GMCH) में मेंटल मैपिंग (ब्रेन मैपिंग) टेस्ट करवाया गया। छात्र को अंबाला के जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम से अस्पताल लाया गया था। इस परीक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को आने की संभावना है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, परीक्षण के बाद बच्चे को वापस ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है।
घायल बच्ची की स्थिति और परिजनों की मांग
दूसरी ओर, इस घटना में गंभीर रूप से घायल बच्ची का पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके स्वास्थ्य में पहले से काफी सुधार हुआ है। वहीं, बच्ची के पिता का कहना है कि उनकी बेटी के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि बच्ची बहुत छोटी है और उसके बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक मदद की बेहद जरूरत है।
प्रिंसिपल और शिक्षकों से ढाई घंटे तक पूछताछ
घटना के बाद शिक्षा विभाग और विभिन्न समितियों की टीमें मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो महिला शिक्षकों और प्रिंसिपल नीलू को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। सोमवार को बीईओ (BEO) की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने स्कूल में पहुंचकर करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान निलंबित शिक्षकों, प्रिंसिपल और स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय क्या लापरवाही बरती गई और कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
इन मुख्य बिंदुओं पर टिकी है जांच कमेटी की नजर
- घटना के समय स्कूल में कुल कितना स्टाफ मौजूद था?
- बच्चों की कुल संख्या कितनी थी और उस समय क्लास में कौन सा शिक्षक तैनात था?
- जब बच्ची क्लासरूम से बाहर निकली, तब प्रिंसिपल स्कूल में मौजूद थीं या नहीं?
- सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को समय रहते क्यों नहीं देखा गया?
- दोपहर की शिफ्ट में स्कूल की छुट्टी कक्षा के बच्चों के लिए होती है, तो पहली मंजिल पर 12वीं कक्षा का कमरा क्यों खुला हुआ था?
- चौकीदार ने क्लासरूम बंद करते समय अंदर जाकर ठीक से जांच क्यों नहीं की?
स्कूल में ज्यादा देर नहीं टिकता था आठ साल का बच्चा
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी आठ साल का बच्चा स्कूल में ज्यादा देर नहीं रुकता था। वह कुछ समय स्कूल में बिताने के बाद ही घर लौट जाता था, और उसका घर भी स्कूल के पास ही स्थित है। अब जांच में यह बात मुख्य रूप से खंगाली जा रही है कि वह बच्चा स्कूल से कब और कैसे बाहर चला जाता था।
अंबाला में काउंसलिंग और पूछताछ के दौरान उसकी दिनचर्या और स्कूल से जुड़े तमाम पहलुओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में बच्चे ने बताया था कि वह स्कूल में ज्यादा देर नहीं रुकता और कुछ समय बाद घर चला जाता था। अब इस पूरी रिपोर्ट और बयानों के आधार पर बच्चे को दोबारा जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।

