Yuva Haryana: हरियाणा में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (LSD) के संक्रमण की पुष्टि हुई है। हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) की ओर से प्रारंभिक जांच में पॉजिटिव मिले 12 सैंपल को अंतिम जांच के लिए नेशनल हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब, भोपाल भेजा गया था। जांच के बाद 3 जिलों से 10 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं।
लुवास के वैज्ञानिक डॉ. नरेश जिंदल के अनुसार, यमुनानगर के कैल, रूलाखेड़ी, खेड़ा और भाटौली से भोपाल भेजे गए सभी 5 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। वहीं कुरुक्षेत्र के अमीन से भेजे गए 5 सैंपल में से 4 में लंपी की पुष्टि हुई है। भिवानी से भोपाल भेजे गए 2 सैंपल में से एक सैंपल पॉजिटिव आया है।
इस तरह इन तीन जिलों से भेजे गए कुल 12 सैंपल में से 10 में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
पशुओं में लंपी के लक्षण दिखें तो सावधानी जरूरी
लंपी स्किन डिजीज पशुओं में होने वाली बीमारी है। विशेषज्ञों ने पशुपालकों को पशुओं में इसके लक्षण दिखाई देने पर संक्रमित पशु को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी है।
पशुपालकों के लिए 4 जरूरी सावधानियां
- आइसोलेशन:
संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग और हवादार जगह पर रखें।
- कीट नियंत्रण:
बाड़े में मच्छर और मक्खियों की रोकथाम करें। सुरक्षित कीटनाशक का छिड़काव करें। शाम के समय नीम की सूखी पत्तियों या गूगल का धुआं करने की सलाह भी दी गई है।
- सफाई:
स्वस्थ और संक्रमित पशुओं को फिटकरी या 0.1 प्रतिशत लाल दवा मिले पानी से दिन में दो बार नहलाने की सलाह दी गई है।
- घावों की देखभाल:
पशु के फोड़ों या घावों पर सादा पानी नहीं डालना चाहिए। घावों को मक्खियों से बचाना जरूरी है।
तीन जिलों में सामने आए पॉजिटिव मामले
जिला भेजे गए सैंपल पॉजिटिव
यमुनानगर 5 5
कुरुक्षेत्र 5 4
भिवानी 2 1
कुल 12 10
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और संक्रमित पशु को अलग रखें।

