Yuva Haryana: हरियाणा में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर औद्योगिक विस्तार की योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक मॉडल (IMT) को देश और वैश्विक कंपनियों के लिए एक प्रमुख ‘निवेश गंतव्य’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, राज्य में 4 प्रमुख IMT (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) के विस्तार के लिए लगभग 14,300 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है।
किन क्षेत्रों में कितना होगा विस्तार?
औद्योगिक नेटवर्क को मजबूत करने और नई कंपनियों को आकर्षित करने के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों में ज़मीन अधिग्रहित/चिह्नित की गई है:
- खरखौदा: 5,800 एकड़
- कोसली: 5,000 एकड़ (नई IMT)
- बावल: 2,000 एकड़
- सोहना: 1,500 एकड़
बुनियादी ढांचे के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम कोष’
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने और मूलभूत ढांचा मजबूत करने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि के साथ ‘सक्षम कोष’ का गठन किया है। इस योजना के तहत सिंगल-विंडो सिस्टम, बेहतर सड़क संपर्क, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं, स्टार्टअप सहायता, इनक्यूबेशन सेंटर और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
प्रमुख कंपनियों का बड़ा निवेश
हरियाणा की प्रमुख IMT में देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं:
- मारुति सुजुकी: खरखौदा में 800 एकड़ में 18,000 करोड़ रुपये का निवेश।
- एटीएल (ATL): 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये।
- यूनो-मिंडा (Uno Minda): 94 एकड़ में 11,000 करोड़ रुपये।
- आदित्य बिड़ला ग्रुप: 70 एकड़ में 1,140 करोड़ रुपये।
एशियाई/कोरियाई कंपनियों पर सरकार की निगाह
निवेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर की अगुवाई में अधिकारियों की टीम 19 से 22 अक्टूबर तक कोरियाई व एशियाई निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दौरा करेगी। इससे पहले जापान से 3,900 करोड़ और सिंगापुर से 5,500 करोड़ रुपये के निवेश समझौते हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का उद्देश्य है कि निवेश का लाभ केवल चुनिंदा बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे हरियाणा में नए औद्योगिक संस्थान स्थापित हों ताकि युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल सकें।

