Yuva Haryana: फरीदाबाद में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान महिला नेताओं के बीच हुई थप्पड़बाज़ी का मामला अब पार्टी के संगठनात्मक अनुशासन समिति तक पहुँच गया है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने बल्लभगढ़ की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी पराग शर्मा और फरीदाबाद की पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष गजना लांबा को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
समिति ने दोनों नेताओं के बीच हुए कथित अभद्र व्यवहार, हाथापाई और पार्टी के अंदरूनी विवाद को पुलिस व मीडिया तक ले जाने पर कड़े सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 8 अक्टूबर की है, जब फरीदाबाद में कांग्रेस द्वारा कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया गया था।
पुराने फरीदाबाद में चांदीवाली धर्मशाला से पथवारी मंदिर तक निकाले जा रहे मार्च के दौरान पराग शर्मा और गजना लांबा के बीच बहस शुरू हुई।
बहस देखते ही देखते हाथापाई और थप्पड़बाज़ी में बदल गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी की साख और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
मौके पर मौजूद जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक और अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया था।
विवाद की वजह और पुलिस शिकायत
मार्च के दौरान आगे चलने, बैनर थामने और एक तस्वीर हटाने को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद की बात सामने आई है। घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी, जिससे विवाद और गहरा गया।
अनुशासन समिति का कड़ा रुख
अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल सिंह मलिक ने दोनों महिला नेताओं को अलग-अलग नोटिस भेजा है।
धर्मपाल सिंह मलिक (अध्यक्ष, अनुशासन समिति):
“दोनों महिला नेताओं से घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है। जवाब मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकतरफा कार्रवाई भी की जा सकती है।”
अब इस मामले में आगे की कार्रवाई दोनों नेताओं के जवाब और अनुशासन समिति की समीक्षा पर निर्भर करेगी।

