Yuva Haryana: भिवानी की 18 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत के चर्चित मामले में सीबीआई जांच को लेकर अदालत ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पंचकूला की विशेष सीबीआई मजिस्ट्रेट अदालत ने एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए मृतका के परिजनों की तरफ से दायर प्रोटेस्ट पिटिशन को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने सीबीआई को नए सिरे से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
हत्या या आत्महत्या: क्या है मामला?
जागरण संवाददाता के अनुसार, भिवानी की 18 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में परिजनों का आरोप है कि सीबीआई ने कई तथ्यों की सही से जांच नहीं की थी और हत्या को आत्महत्या करार दे दिया था। मृतका के परिजनों के वकील हर्ष मोहन सिंह ने बताया कि अदालत के सामने पेश किए गए एम्स के पांच चिकित्सकों के संशोधित मेडिकल बोर्ड ने सर्वसम्मति से यह स्पष्ट किया है कि मनीषा की मौत गर्दन पर धारदार हथियार से लगी गंभीर चोट के कारण हुई थी, जो कि मौत से पहले लगी थी। बोर्ड ने शरीर पर जानवर के काटने के निशान होने से भी साफ इनकार किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने स्थानीय पुलिस और सीबीआई की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं।
40 दिन तक डीवीआर डीएसपी के कब्जे में रहने पर गंभीर चूक
अदालत ने आइडियल नर्सिंग कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर की बरामदगी प्रक्रिया में गंभीर चूक मानी है। एसआईटी प्रमुख डीएसपी ने डीवीआर लेते समय बरामदगी मेमो नहीं बनाया था और यह करीब 40 दिन तक उनके कब्जे में रही। अदालत का कहना है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, साथ ही कॉलेज की फुटेज समय रहते सुरक्षित नहीं करने पर भी कड़े सवाल उठाए गए हैं।
सुसाइड नोट की लिखावट की दोबारा होगी जांच
कथित सुसाइड नोट की प्रामाणिकता की जांच के लिए मनीषा की 12वीं कक्षा के रजिस्टर में दर्ज लिखावट से उसका मिलान कराया जाएगा। अदालत ने दो अलग-अलग प्रयोगशालाओं के कम से कम तीन विशेषज्ञों के बोर्ड से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इनकी भूमिका की भी होगी जांच और हो सकता है नार्को टेस्ट
अदालत ने एसआई शकुंतला, डीएसपी संजीव कुमार, देवेंद्र खाद भंडार के संचालक और आइडियल नर्सिंग कॉलेज के मालिक अशोक कुमार सांगवान की भूमिका की जांच करने के आदेश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इनके मोबाइल की सीडीआर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ नार्को एनालिसिस और ब्रेन फिंगर प्रिंटिंग जैसे वैज्ञानिक परीक्षणों पर भी विचार किया जा सकता है।
सीबीआई को अब इन पहलुओं की करनी होगी जांच
- 11 अगस्त 2025 को मनीषा भिवानी के सिंघानी क्षेत्र स्थित किड्स केयर प्लेवे स्कूल से बीएससी नर्सिंग में दाखिले के सिलसिले में आइडियल नर्सिंग कॉलेज जाने की बात कहकर स्कूल से निकली थी।
- स्कूल की सीसीटीवी फुटेज में दोपहर 1:58 बजे उसके बाहर जाने की पुष्टि हुई थी।
- अदालत ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच नहीं किए जाने को भी बड़ी कमी माना है।
- सीबीआई को अब यह पता लगाना होगा कि संबंधित समय पर मोबाइल किसके पास था और उसकी लोकेशन कहां थी।
अदालत ने मामले की जांच की कई खामियां गिनाते हुए 23 दिसंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

