Yuva Haryana: हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़ से पलवल तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार परियोजना की अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इसके बाद परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दी गई है।
यह जानकारी हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) की 66वीं बोर्ड बैठक में सामने आई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की। इस दौरान हरियाणा में प्रस्तावित मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
करीब 28 किलोमीटर लंबा होगा मेट्रो रूट
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की मौजूदा वायलेट लाइन को बल्लभगढ़ से आगे पलवल तक विस्तारित करेगा। यह रूट करीब 28 किलोमीटर लंबा और पूरी तरह एलिवेटेड होगा। इस पर लगभग 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
मेट्रो विस्तार से बल्लभगढ़, फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों और पलवल के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। खासकर उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जो रोजाना नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग शहरों में आते-जाते हैं।
परियोजना पर करीब 4,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,500 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालांकि, परियोजना की अंतिम लागत और निर्माण की समयसीमा को लेकर आधिकारिक मंजूरी तथा आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से रिपोर्ट को मंजूरी देकर केंद्र को भेजा जाना परियोजना की प्रक्रिया में अहम कदम है। निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित स्तरों पर आवश्यक स्वीकृतियां और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार से फरीदाबाद के सेक्टर-58 और सेक्टर-59 सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों और कामगारों के लिए यात्रा आसान हो सकती है।
बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से पलवल और आसपास के क्षेत्रों में कारोबार, रोजगार तथा आवासीय विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ स्टेशन के अंतिम स्थान, किराये और मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगा।
गुरुग्राम मेट्रो और नमो भारत परियोजनाओं पर भी चर्चा
HMRTC की बैठक में दूसरी परिवहन परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। इनमें गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक प्रस्तावित 35.25 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर शामिल है। इसमें 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं और इसे पंचगांव में नमो भारत यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना को राज्य की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
इसके अलावा, दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर पर भी चर्चा हुई। यह प्रस्तावित कॉरिडोर 136.3 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत 33,051.15 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें 17 प्रस्तावित स्टेशन होंगे, जबकि भविष्य में चार अतिरिक्त स्टेशन बनाने का प्रावधान है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद हिस्सों के रूट तथा स्टेशन स्थानों को राज्य स्तर पर अंतिम रूप देकर संबंधित विकास प्राधिकरणों को रिपोर्ट भेजी गई है।
कब तक शुरू होगी मेट्रो ?
फिलहाल बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो के निर्माण की निश्चित शुरुआत और सेवा शुरू होने की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। राज्य सरकार की मंजूरी और DPR केंद्र को भेजे जाने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक स्वीकृतियां अहम होंगी।

