Yuva Haryana: हरियाणा में जनसमस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सख्त निर्देशों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार के विभिन्न मंचों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शेष मामलों को भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो, जन संवाद, सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर (SMGT) और समाधान शिविरों के माध्यम से आई शिकायतों की प्रगति का ब्योरा लिया। इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के उपायुक्त ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
शिकायतों के निस्तारण के मुख्य आंकड़े
मंच\विभाग कुल प्राप्त शिकायतें निस्तारित शिकायतें सफलता दर\स्थिति
सीएम विंडो 2.83 लाख 2.34 लाख त्वरित समाधान
सोशल मीडिया 1,05,761 83,550 33,783 पर प्रक्रिया
ट्रैकर(SMGT) जारी
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन यमुनानगर, नूह – स्कोर 70% से
करने वाले जिले और हंसी अधिक रखने के
निर्देश
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन श्रम, आईटी, स्वास्थ्य, 80% से अधिक
करने वाले विभाग रोजगार व सैनिक कल्याण – अंक प्राप्त
मुख्य निर्णय एवं निर्देश
- फैमिली आईडी (PPP) सुधार के लिए एडीसी को शक्तियां:
जन संवाद के दौरान परिवार पहचान पत्र (Family ID) में सुधार से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थीं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने आय (Income) से जुड़े मामलों को छोड़कर अन्य सभी सुधारों के लिए अतिरिक्त उपायुक्तों (ADCs) को व्यापक अधिकार दिए हैं। आय का सत्यापन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभा की बैठकों के दौरान ग्रामीणों की उपस्थिति में किया जाएगा।
- आवास योजनाओं में पारदर्शिता:
पात्र परिवारों को मकान और प्लाट आवंटन से पहले आय और पात्रता की पुष्टि ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराई जाएगी ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही लाभ मिले। गलत सत्यापन कर अपात्रों को लाभ पहुंचाने वाले निचले स्तर के कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- लंबित मामलों पर सख्त रुख:
जन संवाद की जिन शिकायतों पर एक साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई है, उनके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों वाले विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे वीकेंड की छुट्टियों के दौरान भी अपने कार्यालय खोलकर मामलों का समाधान करें और सोमवार तक रिपोर्ट सौंपें।
- झूठी शिकायतों पर होगी कार्रवाई:
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीएम विंडो प्रणाली का दुरुपयोग कर झूठी या भ्रामक शिकायतें दर्ज कराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनसुविधाओं और सामूहिक कार्यों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन संवाद में प्राप्त सामूहिक समस्याओं को पहले प्राथमिकता दी जाए और उनके समाधान का निर्णय ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाए। उन्होंने गांवों और शहरों में पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिक आधार पर दुरुस्त करने और सभी उपायुक्तों व विभागाध्यक्षों को हर सप्ताह जन शिकायतों की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं।

