Yuva Haryana : हरियाणा के करीब 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर सरकार अगले 15 दिन में फैसला लेगी। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अतिथि शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे बैठक हुई। बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि नियमितीकरण के मुद्दे पर 15 दिन के भीतर निर्णय लिया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार नियमित करने की मांग
अतिथि शिक्षकों की ओर से हरियाणा एवं पंजाब हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें नियमित करने की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने नियमितीकरण के साथ अन्य मांगें भी रखीं।
बैठक में विभाग की ओर से प्रधान सचिव विजय दहिया, माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनीता मलिक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
58 साल तक सेवा सुरक्षा की मांग
यह बैठक बुधवार को पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आवास के घेराव के बाद हुई थी। अतिथि शिक्षकों ने सरकार से 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
2014 के दस्तावेज अधिकारियों के सामने रखे
शिक्षक नेता दिनेश यादव ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने तीन साल की सेवा से जुड़े नियमों के साथ 2014 के दस्तावेज भी अधिकारियों के सामने रखे। इन दस्तावेजों में अतिथि शिक्षकों को शिक्षा विभाग का हिस्सा बताया गया था।
प्रतिनिधिमंडल ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि तय समय पर फैसला नहीं होने की स्थिति में अधिकारियों पर प्रति अतिथि शिक्षक 50 हजार रुपये जुर्माने के प्रावधान की बात भी आदेश में कही गई है।
कई शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश यादव, महासचिव भूपेंद्र सिंह, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष पूनम कुमारी, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव कृष्ण नैन और हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश महासचिव रामपाल शर्मा समेत कई प्रतिनिधि शामिल हुए।
अब अतिथि शिक्षकों की नजर सरकार के अगले 15 दिनों में लिए जाने वाले फैसले पर है।

