रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारियों को उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग (Posting) नहीं देने की तैयारी
चंडीगढ़, 18 सितंबर (दीपकमल सहारण)। हरियाणा में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (State Vigilance & Anti-Corruption Bureau-ACB) ने 190 ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी बार-बार शिकायतें (Complaints) या इनपुट (Inputs) प्राप्त हुए हैं। ACB अब उपलब्ध सूचनाओं और शिकायतों का विश्लेषण (Analysis) कर इन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ लक्षित कार्रवाई (Targeted Action) की तैयारी कर रहा है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने बताया कि ब्यूरो का उद्देश्य केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उपलब्ध सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर भ्रष्टाचार के संभावित स्रोतों की पहचान (Identification) कर प्रभावी कार्रवाई करना भी है।
रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारियों को उसी जिले में नहीं मिलेगी दोबारा पोस्टिंग
ACB ने रिश्वत (Bribe) लेते रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
डॉ. चावला ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित सरकारी विभागों को पत्र भेजे गए हैं। ACB की हाई-पावर कमेटी (High-Power Committee) में विचार-विमर्श के बाद यह मुद्दा सरकार के समक्ष रखा गया था। अब विभागों को ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को उसी जिले में पुनः पदस्थापित करने से बचने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में देखा गया कि भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई होने के कुछ समय बाद संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को उसी जिले में फिर से तैनाती मिल गई। ACB के अनुसार, इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के उद्देश्य और आम लोगों के भरोसे (Public Confidence) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप ऑपरेशन
ACB प्रमुख के अनुसार, 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप ऑपरेशन (Trap Operations) किए जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
डॉ. चावला ने कहा कि सरकारी छुट्टियों (Government Holidays) को अलग कर देखा जाए तो औसतन लगभग हर दूसरे दिन एक सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। उनके अनुसार, यह आंकड़ा केवल प्रवर्तन कार्रवाई (Enforcement Action) को नहीं दर्शाता, बल्कि यह भी बताता है कि लोग भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर ACB के पास सामने आ रहे हैं।
21 मामलों में 23 अधिकारियों-कर्मचारियों को कठोर सजा
ACB के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से अब तक विभिन्न अदालतों (Courts) द्वारा 21 मामलों (Cases) में 23 अधिकारियों और कर्मचारियों को कठोर सजा (Rigorous Punishment) सुनाई गई है।
डॉ. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी (Arrest) तक सीमित नहीं है। ब्यूरो द्वारा मामलों की प्रभावी पैरवी (Prosecution) और फॉलो-अप (Follow-up) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दोषी पाए गए लोगों को न्यायालय में सजा दिलाई जा सके।
भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट की हो रही पहचान
ACB को विभिन्न विभागों और क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे विभागों, कार्यालयों और क्षेत्रों की पहचान करना है, जहां भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक है और जो भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट (Corruption Hotspots) के रूप में उभर रहे हैं।
हरियाणा में ACB के सात पुलिस थाने (Police Stations) हैं। इन थानों पर प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा रहा है कि सरकारी कार्यालयों में नागरिकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके आधार पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय (Coordination) कर कार्रवाई के साथ-साथ व्यवस्थागत सुधार (Systemic Improvements) पर भी जोर दिया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं का भरोसा जीतना प्राथमिकता
डॉ. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ आम जनता का विश्वास कायम करना भी महत्वपूर्ण है। शिकायतकर्ताओं (Complainants) को यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई होगी तथा शिकायत करने के कारण उनका वैध सरकारी काम प्रभावित नहीं होगा।
ACB के अनुसार, किसी शिकायत पर कार्रवाई के बाद भी उसके फॉलो-अप की निगरानी (Monitoring) की जाती है, ताकि शिकायतकर्ता का वैध काम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ट्रैप में इस्तेमाल राशि की प्रतिपूर्ति के लिए रिवॉल्विंग फंड
ACB प्रमुख ने बताया कि ट्रैप ऑपरेशन के दौरान शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराई या इस्तेमाल की गई राशि के संबंध में सरकार ने रिवॉल्विंग फंड (Revolving Fund) की व्यवस्था की है।
इसके लिए प्रक्रिया (Procedure) को पहले की तुलना में सरल बनाने के उद्देश्य से अधिसूचना (Notification) जारी की गई है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायतकर्ता को अदालत में शपथपत्र (Affidavit) देना होगा कि मामले के अंतिम निस्तारण (Final Disposal) के बाद संबंधित राशि सरकारी खाते में वापस जमा कर दी जाएगी।
ACB के अनुसार, इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे बिना अतिरिक्त वित्तीय चिंता के शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने पर जोर
ACB ने भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले लोगों की पहचान की गोपनीयता (Confidentiality) को भी प्राथमिकता देने की बात कही है।
डॉ. चावला के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहता तो उसकी पहचान गोपनीय रखते हुए उसे उचित तरीके से मान्यता दी जा सकती है। ऐसे शिकायतकर्ताओं को नकद पुरस्कार (Cash Rewards) भी दिए जाते हैं। ACB का मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सामने आने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने से अन्य लोग भी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आएंगे।
शिकायत के लिए मोबाइल ऐप का ट्रायल
नागरिकों के लिए भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से ACB एक मोबाइल एप्लिकेशन (Mobile Application) का ट्रायल (Trial) भी कर रहा है।
ACB प्रमुख ने बताया कि लोगों को अक्सर हेल्पलाइन (Helpline) नंबर याद नहीं रहता। प्रस्तावित ऐप में एक टच (One-Touch) के जरिए सीधे हेल्पलाइन से जुड़ने की सुविधा होगी। इसके साथ OTP आधारित सुविधाओं (OTP-based Facilities) और अन्य सुरक्षा उपायों (Security Features) को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रहे।
ऐप के माध्यम से किसी व्यक्ति को अपने जिले से बाहर भ्रष्टाचार संबंधी समस्या का सामना करने पर भी ACB तक आसानी से सूचना पहुंचाने की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
डॉ. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लगातार चलने वाली प्रक्रिया (Continuous Process) है। ACB द्वारा कार्रवाई, शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा, मामलों के फॉलो-अप, दोषसिद्धि (Conviction), भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट की पहचान और तकनीक के माध्यम से शिकायत प्रणाली (Complaint System) को आसान बनाने जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो बिना भय के ACB को इसकी सूचना दें।



