Yuva Haryana: हरियाणा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत, 1 नवंबर से हरियाणा के करीब 96,000 व्यावसायिक वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है।
राज्य के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के 14 जिलों में बीएस-6 श्रेणी से नीचे के कुल 81,079 पुराने ट्रक और लगभग 15,362 बसें इस प्रतिबंध से प्रभावित होंगी। इस प्रकार कुल 96,441 पुराने व्यावसायिक वाहन वर्तमान में इस दायरे में आ रहे हैं। इन वाहनों की निगरानी के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से मुस्तैद हैं।
परिवर्तन योजना के तहत राहत और पंजीकरण
वायु गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा परिवहन विभाग ‘परिवर्तन योजना’ चला रहा है, जिसके तहत वाहनों को बीएस-6 मानकों में परिवर्तित करने के लिए पंजीकरण किया जा रहा है:
- नई बीएस-6 या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर (Tax) में छूट का प्रावधान है।
- पुराने वाहन के स्थान पर पात्र पुराना वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
- अब तक इस योजना के तहत 14,043 ट्रक और 5,719 बसें पंजीकृत हो चुकी हैं, जिससे कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 19,762 तक पहुंच गई है।
ट्रांसपोर्टर्स की चिंताएं और कारोबार पर असर
ऑल हरियाणा मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राज्य महासचिव राकेश धनखड़ ने इन नई शर्तों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एक ट्रक की कीमत लगभग 50 लाख रुपये होती है और पंजीकरण के नियमों के अनुसार संचालन 15 वर्ष का होता है, लेकिन 10 वर्ष बाद ही प्रतिबंध शुरू हो जाने से ट्रांसपोर्टर्स का कारोबार बंद होने के कगार पर आ गया है। ट्रांसपोर्टर्स का यह भी मानना है कि इन सख्त आदेशों और नई शर्तों के कारण उनके कारोबार पर 5 से 8 प्रतिशत तक का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

