Yuva Haryana: 13 अगस्त 2025 को भिवानी में नहर किनारे खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिली 18 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद नया मोड़ आ गया है। सीबीआई ने अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट में इसे ‘मोनोक्रोटोफॉस’ कीटनाशक खाकर की गई आत्महत्या करार दिया है। वहीं, मृतका के पिता संजय कुमार ने सीबीआई जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए अदालत में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की है।
सीबीआई का दावा: ‘कीटनाशक खाकर की खुदकुशी’
सीबीआई की 12 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार:
- मनीषा ने खुद कीटनाशक पीकर आत्महत्या की है और उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है।
- जानवरों (कुत्तों) ने उसके शव को क्षत-विक्षत किया था।
- घटना स्थल से मिले सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग मनीषा की लिखावट से मैच हो गई है।
पिता के आरोप और सीबीआई का स्पष्टीकरण
- दुष्कर्म और हत्या का आरोप बनाम यौन उत्पीड़न का सबूत नहीं
पिता की ओर से वकील ने आशंका जताई कि मनीषा की हत्या की गई, दुष्कर्म हुआ, गर्दन काटी गई और शरीर के अंग निकाल लिए गए थे। इसके जवाब में सीबीआई ने बताया कि CFSL दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार कपड़ों या स्वाब सैंपल पर सीमन या पुरुष डीएनए नहीं मिला है। पोस्टमार्टम व जांच में सलवार का नाड़ा सुरक्षित मिला है, जिससे जबरन कपड़े उतारने या झड़प की बात बेबुनियाद साबित होती है।
- तेजाब से चेहरा जलाने का दावा बनाम केमिकल का न मिलना
पिटीशन में आरोप था कि पहचान छिपाने के लिए चेहरे व सिर पर तेजाब या केमिकल का इस्तेमाल कर उसे विकृत किया गया। सीबीआई ने स्पष्ट किया कि फॉरेंसिक जांच में बालों और कपड़ों पर किसी तरह के तेजाब या कोरोसिव केमिकल के निशान नहीं पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा संभव नहीं है कि केवल चेहरे के ऊतक जल जाएं और कपड़ों या बालों पर कोई असर न हो।
- धारदार हथियार से हमला बनाम मौत के बाद बने घाव
पिता का दावा था कि गर्दन पर कट का निशान किसी धारदार हथियार से हमले के कारण बना था। इस पर सीबीआई ने कहा कि हिस्टोपैथोलॉजी जांच में गर्दन के घाव पर जीवित अवस्था में चोट लगने वाली सूजन या रक्तस्राव नहीं पाया गया। टूटी हुई ग्रीवा हड्डियों पर भी खून का जमाव नहीं था, जो यह सिद्ध करता है कि यह घाव मौत के बाद जानवरों के काटने या नौचने से बने थे, किसी हथियार से नहीं।
14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
पिता संजय की ओर से अधिवक्ता हर्ष मोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई के इस जवाब पर अब 14 अक्टूबर को अदालत में बहस होगी। उसके बाद ही सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत का फैसला आएगा।

