Yuva Haryana: हरियाणा के हिसार में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे और कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेता सुधीर सांगवान के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले राज्य भर में कई पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया या फिर उनके घरों में नज़रबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया।
28 सितंबर को सौंपा था ज्ञापन
CJP नेता सुधीर सांगवान ने बताया कि CET अभ्यर्थियों और प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में उनकी पार्टी ने 28 सितंबर को राज्य के 14 जिलों के उपायुक्तों (DC) को ज्ञापन सौंपा था। उनका आरोप है कि ज्ञापन सौंपने के बाद पुलिस ने कार्यक्रम से जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बात रखते हुए सुधीर सांगवान ने लिखा, “हरियाणा पुलिस CJP के सहयोगियों को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में ले रही है, क्योंकि उन्होंने झज्जर DC को CET छात्रों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा था।” उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने बिना किसी पूर्व नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के कार्यकर्ताओं को उठाया।
7.30 बजे घर से बिना वारंट उठाया: कार्यकर्ता
झज्जर जिले से हिरासत में लिए गए CJP सदस्य चंद्रमोहन ने बताया कि बुधवार शाम करीब 7:30 बजे पुलिस उन्हें उनके घर से ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने न तो कोई कानूनी दस्तावेज दिखाया और न ही हिरासत में लेने की कोई स्पष्ट वजह बताई।
बताया जा रहा है कि झज्जर में हिरासत में लिए गए तीन कार्यकर्ताओं को गुरुवार दोपहर बाद रिहा किया गया। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया के लिए जब अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन, 6 दिसंबर तक आंदोलन स्थगित
गुरुग्राम व आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते विरोध के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। सीएम सैनी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
छात्रों की मुख्य मांगे:
- CET परीक्षा का हर साल नियमित आयोजन
- स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार
- कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) पर भर्ती की प्रक्रिया समाप्त करना
मुख्यमंत्री के इस सकारात्मक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों और संगठनों ने अपने आंदोलन को 6 दिसंबर तक के लिए स्थगित करने का फैसला किया है।

