Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 76 हॉटस्पॉट चिन्हित कर विभागवार कड़े लक्ष्य तय किए हैं। इसके तहत सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने ‘विंटर एक्शन प्लान 2026-27’ लागू कर दिया है। इस बार केवल कागज़ी अभियानों से काम नहीं चलेगा, बल्कि सभी संबंधित विभागों को निरीक्षण, शिकायतों के निस्तारण, नियमों के उल्लंघन और की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
विंटर एक्शन प्लान की मुख्य बातें:
- कचरा प्रबंधन और सफाई का लक्ष्य
बंधवाड़ी में 15 लाख टन कचरा: गुरुग्राम के बंधवाड़ी में स्थित 15 लाख टन पुराने कचरे के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 30 सितंबर तक 5.68 लाख टन कचरा निस्तारित किया जा चुका है और 9.32 लाख टन शेष है।
दिसंबर तक हटेगा निर्माण मलबा: जुलाई तक राज्य में 4.91 लाख टन निर्माण मलबा निकला था, जिसमें से 3.40 लाख टन उठाया जा चुका है। बाकी बचे 1.51 लाख टन मलबे को दिसंबर तक हटाने का लक्ष्य है।
- सड़कों में सुधार और नया इंफ्रास्ट्रक्चर
1,164 किमी सड़कें होंगी दुरुस्त: धूल प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदेश में 1,719.99 किमी सड़कें बनाने की आवश्यकता है। इनमें से 1,164.31 किमी सड़कों को दिसंबर तक सुधारने का लक्ष्य तय किया गया है।
23 नए वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन: राज्य में वर्तमान में 29 सतत वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) चालू हैं। अब 23 नए स्टेशन लगाने का प्रस्ताव है, जिनमें गुरुग्राम में 5 और फरीदाबाद में 4 स्टेशन शामिल हैं।
ट्रैफिक व पार्किंग समाधान: 7 नगर निगमों को 112 चिन्हित स्थानों पर लगने वाले जाम की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 11,308 वाहनों की क्षमता वाले 79 नए पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
- पुराने वाहनों पर कार्रवाई और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
18,484 पुराने वाहन जब्त: 1 जनवरी से 28 सितंबर 2026 तक एनसीआर (NCR) में शामिल जिलों में 18,484 पुराने वाहनों को जब्त किया गया। इनमें से 3,000 वाहनों को स्क्रैप किया गया और 10,756 वाहनों को NCR से बाहर दोबारा पंजीकरण के लिए NOC दी गई।
इलेक्ट्रिक बसें व चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: 31 दिसंबर तक 875 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का प्रस्ताव है। राज्य में प्रस्तावित 900 चार्जिंग स्टेशनों में से 789 लगाए जा चुके हैं।
ANPR कैमरे: पेट्रोल पंपों पर वाहनों पर नज़र रखने के लिए 2,780 एएनपीआर (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं।
“कार्यक्रम नहीं, नतीजों से तय होगी जवाबदेही”
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, इस बार असली चुनौती तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने और प्रदूषण बढ़ने पर विभागों की जिम्मेदारी तय करने की है।
जियो-टैग तस्वीरों से निगरानी: सीएक्यूएम (CAQM) को सौंपे गए इस प्लान के तहत जिला प्रशासन विभागों के बीच समन्वय बनाएगा। काम का ब्योरा जुटाने के लिए जियो-टैग (Geo-tag) तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
कड़े नियम व कार्रवाई: लगातार नियम तोड़ने वालों का मामला सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा।
उद्योग व कृषि: उद्योगों को उत्सर्जन मानकों व प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के प्रति, सड़क एजेंसियों को धूल रोकने और किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जन-जागरूकता: नगर निकाय वार्ड स्तर पर अभियान चलाएंगे, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर महीने पर्यावरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस PUCC, वाहन सर्विसिंग और स्वच्छ ईंधन के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।

