Yuva Haryana : हरियाणा के एक सीआरपीएफ जवान को इस कारण बर्खास्त कर दिया गया कि वह अपनी शादी करवाने के लिए छुट्टी न देने पर तीन दिन तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहा।
दरअसल, पांच जनवरी 2015 को भिवानी निवासी नवीन की सीआरपीएफ में अस्थायी नियुक्ति हुई थी। अप्रैल 2017 में उनकी शादी तय हुई थी, जिसके लिए उन्होंने छुट्टी मांगी थी। अवकाश की अनुमति नहीं मिलने पर नवीन ने 26 अप्रैल से 29 अप्रैल तक ड्यूटी छोड़कर 28 अप्रैल को अपना विवाह करवाया और फिर तुरंत इसके बाद ड्यूटी ज्वाइन कर ली।
शादी के चलते तीन की अनुपस्थिति पर नवीन को बर्खास्त कर दिया गया। अपनी बर्खास्तगी के बाद नवीन ने न्याय के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अब इस मामले मे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए नीवन को बहाल करने, पूरी सेवा निरंतरता देने और बकाया वेतन व लाभों का छह प्रतिशत वार्षिक भुगतान करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि शादी जैसे व्यक्तिगत कारण से केवल तीन दिन की गैरहाजिरी के आधार पर सेवा से हटाना न केवल असंगत और अनुपातहीन है बल्कि यह प्राकृतिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों का भी उल्लंघन है।
जस्टिस संदीप मोदगिल ने फैसले में यह भी कहा कि अनुशासन के नाम पर मानवता और न्याय को कुचला नहीं जा सकता है। वर्दी पहनने से कोई नागरिक अपने मौलिक अधिकार नहीं खो देता है। विवाह के लिए तीन दिन की गैरहाजिरी बिल्कुल जायज और बहुत मामूली है। कई सालों से सेवा देने वाले जवान को निकालना मनमाना फैसला है।
ऐसे में हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी को लेकर 19 मई 2017 और 18 जनवरी 2018 के आदेश को रद्द कर याची को 19 मई 2016 से सेवा में दोबारा बहाल करने के आदेश जारी किए है।



