हरियाणा के ग्रामीण चौकीदारों का मानदेय 11 हजार से बढ़कर 15,221 रुपये हो सकता है, भत्तों में भी बढ़ोतरी की तैयारी
Yuva Haryana: हरियाणा के ग्रामीण चौकीदारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार उनके मानदेय और अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। विकास एवं पंचायत विभाग के अंतर्गत काम करने वाले ग्रामीण चौकीदारों के लिए वित्त विभाग ने मानदेय और भत्तों में संशोधन के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, चौकीदारों का मासिक मानदेय मौजूदा 11,000 रुपये से बढ़ाकर 15,221 रुपये किया जा सकता है। इसके साथ ही वर्दी, साइकिल और अन्य जरूरी सामान के लिए मिलने वाले भत्तों में भी बदलाव प्रस्तावित है।
5 नवंबर 2026 को जारी वित्त विभाग के पत्र के अनुसार, इस प्रस्ताव में कई आर्थिक और कल्याणकारी सुविधाओं को शामिल किया गया है। हालांकि, इन लाभों का भुगतान मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा किए जाने की तारीख से प्रभावी होगा। इसलिए इसे अभी से लागू हो चुकी बढ़ोतरी के बजाय स्वीकृति प्राप्त प्रस्ताव के रूप में समझना जरूरी है।
मानदेय में 4,221 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
ग्रामीण चौकीदारों को फिलहाल हर महीने 11,000 रुपये मानदेय मिलता है। इसे बढ़ाकर 15,221 रुपये करने की योजना है। इस तरह मंजूरी के बाद उन्हें हर महीने 4,221 रुपये अधिक मिल सकते हैं।
इसके अलावा वर्दी भत्ते में भी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। अभी चौकीदारों को सालाना 4,000 रुपये वर्दी भत्ता मिलता है, जिसे बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जा सकता है। लाठी, बैटरी, सीटी और छाते के लिए मिलने वाला सालाना भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने का प्रस्ताव है।
साइकिल भत्ते की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। अभी चौकीदारों को पांच साल में 3,500 रुपये मिलते हैं। नए प्रस्ताव के तहत यह राशि बढ़ाकर 5,000 रुपये की जा सकती है और इसका लाभ तीन साल में दिया जाएगा।
EPF और ESI सुविधाओं में भी बदलाव
ग्रामीण चौकीदारों को मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा लाभों में भी संशोधन की तैयारी है। प्रस्ताव में EPF और GST से संबंधित राशि को मौजूदा 1,430 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,950 रुपये करने की बात कही गई है।
इसके अलावा ESI सुविधा को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित है। पहले चौकीदारों को ESI के स्थान पर आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जा रही थी। अब ग्रामीण जलकर्मियों और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की तर्ज पर ESI सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है।
इससे चौकीदारों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सुविधा का वास्तविक लाभ इसके लागू होने और संबंधित नियमों के अनुसार मिलेगा।
2023 में बढ़ा था मानदेय
ग्रामीण चौकीदार लंबे समय से मानदेय और सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चौकीदारों का मासिक मानदेय 7,000 रुपये से बढ़ाकर 11,000 रुपये करने की घोषणा की थी। उस समय वर्दी भत्ता 4,000 रुपये सालाना और साइकिल की सुविधा भी दी गई थी।
इसके बाद से चौकीदार संगठन लगातार मानदेय बढ़ाने और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ जन्म-मृत्यु पंजीकरण और प्रशासनिक कार्यों में भी उनकी अहम भूमिका रहती है।
चौकीदार संगठन ने सरकार के सामने रखीं कई मांगें
ग्रामीण चौकीदार संगठन मानदेय को कम से कम 30,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये, सेवा लाभ के रूप में 10,000 रुपये, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को 10 लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने जैसी मांगें भी उठाई गई हैं।
चौकीदारों का तर्क है कि गांवों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वे महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। ऐसे में उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मजबूत की जानी चाहिए।
सरकार की घोषणा पर टिकी नजरें
ग्रामीण चौकीदारों के सम्मान समारोह के बीच मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वित्त विभाग की सहमति से चौकीदारों को उम्मीद बंधी है कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर अब फैसला हो सकता है।
हालांकि, प्रस्तावित सुविधाएं कब से लागू होंगी, इसका निर्धारण मुख्यमंत्री की घोषणा और आगे जारी होने वाले सरकारी आदेशों से होगा। ऐसे में प्रदेश के हजारों ग्रामीण चौकीदारों की नजरें सरकार की अंतिम घोषणा पर टिकी हैं।

