हरियाणा में औद्योगिक टाउनशिप का होगा विस्तार, 23,300 एकड़ में नई योजना; ड्रोन सेक्टर पर भी जोर
Yuva Haryana : हरियाणा सरकार राज्य में औद्योगिक ढांचे को विस्तार देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को ड्रोन निर्माण और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ-साथ मौजूदा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) के विस्तार पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा सिविल सचिवालय में विभिन्न विभागों के कामकाज और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को औद्योगिक विकास, स्टार्टअप और युवाओं के तकनीकी कौशल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
हरियाणा को ‘ड्रोन कैपिटल’ बनाने की तैयारी
देश और विदेश में ड्रोन की बढ़ती मांग से रक्षा, कृषि, उद्योग और निगरानी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। हरियाणा में ड्रोन क्षेत्र में रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना है।
इसके लिए स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने, उद्योगों को प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करने पर जोर दिया जा रहा है।
इन औद्योगिक टाउनशिप का होगा विस्तार
हरियाणा में पहले से छह प्रमुख औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित की जा चुकी हैं। इनमें मानेसर, बावल, रोहतक, सोहना, फरीदाबाद और खरखौदा शामिल हैं।
सरकार ने भविष्य की औद्योगिक मांग को देखते हुए खरखौदा, कोसली, बावल, सोहना और फरीदाबाद-पलवल IMT के विस्तार का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित विस्तार का कुल क्षेत्र करीब 23,300 एकड़ है।
प्रस्ताव के अनुसार:
• खरखौदा: करीब 5,800 एकड़
• कोसली: करीब 5,000 एकड़
• बावल: करीब 2,000 एकड़
• सोहना: करीब 1,500 एकड़
• फरीदाबाद-पलवल: करीब 9,000 एकड़
दस नए IMT भी प्रस्तावित
राज्य में औद्योगिक नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप की भी योजना है। इनमें नारायणगढ़, अंबाला, जींद, मुरथल-गन्नौर और राई सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक IMT में उद्योगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सर्विस सेंटर बनाने का प्रस्ताव है।
IMT में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नए औद्योगिक टाउनशिप को केवल जमीन के रूप में विकसित करने के बजाय आधुनिक और आत्मनिर्भर औद्योगिक केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा।
इनमें औद्योगिक प्लॉट, वेयरहाउस, तैयार फैक्ट्री भवन, बिजनेस एवं कन्वेंशन सेंटर, कर्मचारियों के आवास, अस्पताल, शॉपिंग सेंटर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्टार्टअप एवं इनोवेशन सेंटर, हरित क्षेत्र, बिजली और पानी की सुविधाएं शामिल करने की योजना है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल पर जोर
सरकार की योजना में औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के तकनीकी कौशल को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। ड्रोन और अन्य उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

