Yuva Haryana: गुरूग्राम में पेइंग गेस्ट (PG) सुविधाओं की फायर सेफ्टी के लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, फायर विभाग ने जून से सितंबर 2026 के बीच शहर के 667 PG की जांच की। जांच में सामने आया कि इनमें से किसी भी PG के पास अनिवार्य फायर NOC नहीं है।
फायर विभाग के अनुसार जांच के दौरान 549 PG संचालकों को नेटिस जारी किए गए, जबकि 118 मामलों में कार्रवाई अभी लंबित है। विभाग ने बताया कि ज्यादातर PG में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम नहीं मिले।
फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी
जांच के दौरान नाथूपुर, DLF फेज-3, चक्करपुर, सुशांत लेक और सेक्टर 17-18 जौसे इलाकों में फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक कईं PG में फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर, इमरजेंसी एग्जिट और आग लगने की स्थिति में सुरक्षित रास्तों की उचित व्यवस्था नहीं थी।
फायर अधिकारियों ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले PG संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। कुछ मामलों में नोटिस के बाद भी सुधार नहीं होने पर FIR, जुर्माना और PG को बंद करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
549 PG को नोटिस
फायर विभाग द्वारा जांच के बाद 667 PG में से 549 को फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद संचालकों को जरूरी सुरक्षा इंतजाम पुरे करने होंगे।
विभाग ने यह भी बताया कि कई PG रिहायशी इमारतों में चल रहे हैं। ऐसी जगहों पर आग लगने की स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी को लेकर भी चिंता जताई गई है।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
अधिकारिओं के मुताबिक नियमों का पालन नहीं करने वाले PG मालिकों के खिलाफ FIR और जुर्माने की कार्रवाई की जा सकती हा। कुछ मामलों में PG को तीन महीने तक बंद भी कराया जा सकता है।
फायर विभाग का कहना है कि सर्वे के बाद जिन PG में कमियां मिली हैं, उनकी दोबारे जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संचालक समय पर फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम करें।
नियमों के तहत फायर NOC जरूरी
हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट, 2022 और इससे जुड़े नियमों के तहत निर्धारित इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था और जरूरी मंजूरी का प्रावधान है। विभाग के मुताबिक PG संचालकों के आग से बचाव के लिए जरूरी उपकरण, सुरक्षित निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होगी।
गुरूग्राम में बड़ी संख्या में PG होने के कारण फायर विभाग की यह जांच अहम मानी जा रही है। अधिकारिओं ने संकेत दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

