Yuva Haryana: हरियाणा के गेस्ट टीचर्स द्वारा अपनी मांगों को लेकर निकाला जा रहा चंडीगढ़ कूच फिलहाल टल गया है। कैबिनेट मंत्री अनिल विज के साथ अंबाला में हुई सकारात्मक वार्ता के बाद शिक्षक संघ ने अपना प्रदर्शन स्थगित करने का फैसला लिया। इस बैठक में तय हुआ है कि आगामी 2 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल की औपचारिक वार्ता कराई जाएगी।
पुलिस बैरिकेडिंग और शिक्षकों की रणनीति
इससे पहले सोमवार सुबह जब गेस्ट टीचर्स का जत्था शाहाबाद से अंबाला की तरफ बढ़ा, तो पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बराड़ा रोड पर कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस की ओर से भारी बैरिकेडिंग के साथ वॉटर कैनन और आंसू गैस की गाड़ियां तैनात की गई थीं। हालांकि, शिक्षकों ने अपनी रणनीति बदलते हुए अंबाला पहुंचकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के समक्ष अपनी बात रखी।
क्या हैं गेस्ट टीचर्स की मुख्य मांगें?
गेस्ट टीचर्स लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- वर्ष 2014 की नियमितीकरण (Regularization) नीति और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसलों को अक्षरशः लागू किया जाए।
- नए सेवा नियमों में नियमितीकरण, ईपीएफ (EPF) और वेतन बढ़ोतरी के प्रावधानों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।
- 23 जून से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने की मांगों का स्थायी व संतोषजनक समाधान निकाला जाए।
अनिल विज का आश्वासन
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा और 2 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ सीधी बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री के इस आश्वासन के बाद अतिथि शिक्षकों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चंडीगढ़ कूच के फैसले को 2 नवंबर तक के लिए टाल दिया है।

