Yuva Haryana : देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कई महीनों से फैले प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट अब सख्त होता हुआ नजर आया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को फटकार लगाई है और पूछा है कि प्रदूषण कब दूर होगा ?
सुनवाई के दौरान जब सीएक्यूएम आयोग ने दिल्ली बॉर्डर पर टोला प्लाजा को अस्थाई रूप से बंद या स्थानांतरित करने के लिए दो माह का समय मांगा तो सुप्रीम ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए आयोग के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहा है। क्या आयोग इतनों दिनों में प्रदूषण के कारण का पता लगा पाया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारी वाहन प्रदूषण का बड़ा कारण है, ऐसे में इसका समाधान कैसे होगा ? अब आयोग का ये कहना है कि दो महीने का समय दिया जाए, ये कोर्ट को स्वीकार नहीं है। सुप्रीम ने आदेश दिए कि आयोग दो हफ्ते में बताएं कि प्रदूषण कैसे बढा और अब कैसे कम होगा ?
कोर्ट ने ये भी कहा कि आजकल प्रदूषण पर सार्वजनिक रूप से बहुत सारी जानकारी सामने आ रही है और विशेषज्ञ लेख लिख रहे हैं। यहां तक कि लोगों की राय आ रही है और वे हमें ईमेल से भी जानकारी भेज रहे है।



