Yuva Haryana : देशभर में बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। साइबर अपराध से जुड़े डिजिटल अरेस्ट के केसों की जांच के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। अब डिजिटल अरेस्ट स्कैम से संबंधित दर्ज मामलों की जांच सीबीआई करेगी।
अदालत के मुताबिक ऐसे मामलों की जांच के लिए सीबीआई को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जहां भी साइबर अपराध में उपयोग किए गए बैंक खातों का पता चलता है, वहां अब संबंधित बैंकरों की जांच करने के लिए सीबीआई को पूरी आजादी होगी।
अदालत ने देश के सभी राज्यों को निर्देश दिए है कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई को सौंपें, ताकि देशभर में एकीकृत जांच हो सके सीबीआई हर राज्य से एक-एक पुलिस अधिकारी की पहचान करेगी जो जांच में मदद करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर रिजर्व बैंक को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है और कहा है कि रिजर्व बैंक कोर्ट की मदद करें, ताकि फ्रॉड करने वाले अकाउंट की पहचान हो सकते और अपराध की कमाई को फ्रीज किया जा सके।
वहीं डिजिटल अरेस्ट मामलों के अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच में CBI इंटरपोल से सहायता लेगी।
कोर्ट ने साइबर अपराधों में रिपोर्ट हुए मोबाइल नंबरों और एफआईआर में दर्ज उपकरणों का डेटा संरक्षित रखने के भी आदेश दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट से एक प्रपोजल जमा करवाने के आदेश दिए और कहा कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स एक ही नाम पर सिम या कई सिम जारी करने के मामले में प्रस्ताव तैयार करें, ताकि सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए आदेश जारी किया जा सके।
वहीं राज्य सरकारें साइबर क्राइम सेंटर जल्दी स्थापित करें और अगर कोई रुकावट आए तो राज्य सुप्रीम को बताएं।



