Yuva Haryana : हरियाणा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने के चलते मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने का एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, इन दिनों हरियाणा की सबसे बड़ी हेल्थ यूनिवर्सिटी रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की हालात खराब है।
यहां पिछले सात महीने में एक साल की अवधि के लिए मिलने वाले बजट से अधिक धनराशि खर्च होने के बावजूद भी व्यवस्थाएं चरमाई हुई है और विश्वविद्यालय के खाते में अब एक रूपया भी नहीं बचा है।
एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार साल 2025 में इस विश्वविद्यालय ने अब तक 990 करोड़ रुपए खर्च कर दिए है, जो कि पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा बजट है। इस बार ज्यादा बजट मिलने के बाद भी ओपीडी में 80 प्रतिशत जरूरी दवा खत्म हो चुकी है और कर्मचारी वेतन के इंतजार में बैठे है।
ऐसे में अब बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि बिना बजट के विश्वविद्यालय चलेगा कैसे ? साल 2025 के मार्च माह में यूनिवर्सिटी के लिए 810 करोड़ रुपए का बजट मिला। यह खत्म होने बाद सरकार से और बजट देने की मांग की गई। इसके बाद 180 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट जारी हुआ, लेकिन वो भी अब खर्च हो गया है।
अब तक 990 करोड़ रुपए खर्च हो चुके है। ओपीडी में आने वाले आठ हजार मरीजों के अलावा वार्डों में भर्ती मरीजों की दवाई लगभग खत्म हो गई है, क्योंकि दवा सप्लाई करने वाली प्रमुख 20 कंपनियों का पहले ही 6 करोड़ रुपए बकाया बताया जा रहा है।
मरीज प्रतिदिन लाखों रुपए खर्च करके बाहर से दवा लेने को मजबूर है। वहीं कुल डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों को जोड़कर करीब चार हजार कर्मचारियों को भी अभी तक वेतन नहीं मिला है। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार नियमित स्टाफ की सैलरी माह की एक तारीख की बजाय चार दिन लेट मिली।
ऐसे में अब कर्मचारी जहां चिंता के माहौल में है, वहीं मरीजों की भी परेशानी बढ़ने लगी है। इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी द्वारा कई विभागों की डिमांड की गई 80 नई मशीनों की खरीद की प्रक्रिया को भी लंबित छोड़ दिया है। दरअसल, आयुष्मान के मरीजों के इलाज के लिए पहले संस्थान चिकित्सा सामग्री खरीदता है और फिर सरकार से उसका बजट लेता है।
नई मशीनों के नहीं आने के कारण और कम बजट के चलते अब यूनिवर्सिटी प्रशासन मरीजों को ऑपरेशन के लिए दो माह बाद की वेटिंग दे रहा है।
वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय के निदेशक ने और बजट की डिमांड सरकार के समक्ष रखी है और जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद जताई है।
पहले कितना बजट था ?
- वर्ष 2023 : 750 करोड़ रुपए
- वर्ष 2024 : 810 करोड़ रुपए
- वर्ष 2025 : अब तक 810 + 180 = कुल 990 करोड़ रूपए



