Yuva Haryana : हरियाणा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिलने वाले बजट की अनदेखी का मामला सामने आया है। स्वच्छता अभियान के बजट का पूरा इस्तेमाल नहीं होने के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की सुर्खियां है।
कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बजट की अनदेखी पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। विभाग द्वारा करीब 20 अधिकारियों और कर्मचारियों को चार्जशीट करने की तैयारी चल रही है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 87 निकायों के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित हुआ था। इस बजट से स्वच्छता योजनाओं का प्रचार-प्रसार, शौचालय निर्माण और सफाई से जुड़े कार्य होने थे।
बजट का इस्तेमाल अधूरा रहने की बात का उस समय खुलासा हुआ जब हाल ही में सीएम नायब सिंह सैनी ने यूएलबी विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारी बजट के उपयोग पर सीएम को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
इसके बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम मांगे। विभाग द्वारा इन नामों की लिस्ट मंत्री को सौंप दी गई है।
ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े हरियाणा के पूर्व अधिकारियों के अलावा वर्तमान में तैनात जेई, एसडीओ, एक्सईएन और अन्य संबंधित अधिकारियों पर एक्शन लिया जा सकता है।
एक बड़ी बात ये भी है कि अगर हरियाणा में स्वच्छ भारत मिशन के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कुल 87 निकायों में से 77 निकाय तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस बीच मुख्यमंत्री केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की तर्ज पर हरियाणा में स्वच्छता सर्वेक्षण करवाना चाहते है, जिसकी प्रक्रिया खासा समय से लटकी हुई है।



