Yuva Haryana : प्राकृतिक शहद हमारी सेहत के लिए जितना फायदेमंद है, उतना ही मिलावटी शहद नुकसानदायक होता है। आजकल बाजार में नकली शहद की भरमार है जो स्वाद में असली जैसा होता है, लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
दरअसल, हरियाणा के पानीपत में मिलावटी शहद बनाने का भंडाफोड़ हुआ है। यहां सब्जी मंडी के पास झुग्गियों में फेविकोल, फिटकरी, चीनी और केमिकल युक्त रंग के जरिए नकली शहद तैयार किया जा रहा था।
स्थानीय लोगों को जब इस बात की खबर लगी तो उन्होंने डायल-112 पर इसकी शिकायत की और इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची तो नकली शहद बनाने वाले लोग वहां से फरार हो गए।
मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी बुलाया गया। उन्होंने फेविकोल, फिटकरी, चीनी और केमिकल युक्त रंग से तैयार नकली शहद और मधुमक्खी के छातों के सैंपल लिए।
वहीं पुलिस ने वहां से तीन बाइक, पतीले, बाल्टी व अन्य सामान जब्त किया। बाद में पुलिस ने जानकारी दी कि यहां से सारी भट्ठियां तुड़वा दी गई है। मौके पर मिले सभी पदार्थों के सैंपल भरवा लिए गए और मामले की जांच जारी है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार बरामद शहद और अन्य पदार्थों के नमूने भर लिए गए है और करीब 20-30 किलोग्राम शहद को नष्ट कर दिया गया।
जानकारी ये भी सामने आई है कि झोपड़ियों के बाहर रात को नकली शहद बनाया जाता था और ये नकली शहद शुद्ध बताकर बच्चे और महिलाएं आसपास के गांवों में बेचते थे।
आपको बता दें कि आजकल बाजार में मिलने वाले नकली शहद में कॉर्न सिरप और रिफाइंड शुगर सिरप भी मिलाया जाता है। यह सिरप ज्यादातर बाहर से आयात किया जाता है और प्रोसेसिंग के बाद इसका रंग और स्वाद बिल्कुल असली शहद जैसा बना दिया जाता है।
यही कारण है कि आम लोग आसानी से असली-नकली शहद में फर्क नहीं कर पाते। नकली शहद में न तो शहद के प्राकृतिक एंजाइम होते हैं और न ही वे पोषक तत्व।
मिलावटी शहद ज्यादा मात्रा में खाने से शरीर में शुगर लेवल बढ़ सकता है और लंबे समय में लिवर व किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
ऐसे में शहद का प्रयोग करने से पहले उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद डालें। असली शहद गाढ़ा होता है और वह नीचे बैठ जाएगा, जबकि नकली शहद पानी में आसानी से घुल जाएगा।



