Yuva Haryana : हरियाणा में इन दिनों आंगनबाड़ी वर्कर्स को पूरा मानदेय नहीं मिलने के चलते खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब छह महीने से आंगनबाड़ी वर्कर्स को केंद्र सरकार की ओर से जारी होना वाला मानदेय नहीं मिला है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार जुलाई 2025 से आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार द्वारा मानदेय जारी नहीं किया गया है। ऐसे में उन्हें केवल राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले मानदेय से ही गुजारा करना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि हरियाणा में करीब 44 हजार आंगनबाड़ी वर्कर्स है। इन्हें केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त योजनाओं के तहत मानदेय देती है। अब केंद्र सरकार द्वारा मानदेय नहीं मिलने के कारण आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रति माह तीन हजार रूपए कम मिल रहे है।
ऐसे में आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना है कि निरंतर बढ़ रही महंगाई और सीमित मानदेय मिलने के कारण उनके घर का बजट बिगड़ा हुआ है और बिजली-पानी का बिल, बच्चों की फीस आदि के खर्च के लिए उनके पास पैसा नहीं है। अनेक वर्कर्स पैसा उधार लेने को मजबूर है।
वर्कर्स का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे निरंतर विभाग के अधिकारियों को बता चुके है, लेकिन उन्हें अब तक ये स्पष्ट नहीं बताया गया है कि केंद्र का बकाया मानदेय कब मिलेगा ?
उधर, संबंधित अधिकारियों का भी कहना है कि केंद्र से बजट नहीं मिला है। जिला अधिकारी समय-समय पर मुख्यालय को आंगनबाड़ी वर्कर्स की मानदेय संबंधित समस्याओं को बता रहे है। अब फरवरी तक केंद्र से बजट मिलने की उम्मीद है।
आपको बता ये भी बता दें कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य निगरानी और प्रारंभिक शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण काम आंगनबाड़ी वर्कर्स संभालती है।



