Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने राज्य में शोध, नवाचार और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। सरकार की ‘आइडिया टू इनोवेशन’ (Idea to Innovation) और ‘इनोवेशन टू सॉल्यूशंस’ (Innovation to Solutions) की अवधारणा को साकार करने के लिए ‘हरियाणा नेटवर्क फॉर एकेडमिक विजन, एप्लाइड क्रिएटिविटी एंड होलिस्टिक एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (नवाचार) योजना’ तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक में इस योजना पर विस्तृत चर्चा की गई और इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
समस्याओं का व्यावहारिक समाधान: यदि कोई छात्र ऐसी तकनीक या विचार प्रस्तुत करता है जो राज्य की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सके, तो सरकार उस विचार को प्रोटोटाइप और व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए शुरुआती सीड फंडिंग प्रदान करेगी।
‘लैब टू फील्ड एंड फील्ड टू पॉलिसी‘: यह योजना ‘लैब टू फील्ड एंड फील्ड टू पॉलिसी’ की अवधारणा पर काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में विकसित तकनीक और ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में परखना और उनके सफल परिणामों का उपयोग सरकारी विभागों एवं जनता के लाभ के लिए करना है।
₹1 लाख तक की शुरुआती मदद: पात्र विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों के छात्र राज्य की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से जुड़ी शोध परियोजनाएं जमा कर सकेंगे। प्रारंभिक जांच और मूल्यांकन के बाद, चयनित प्रस्तावों को डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए ₹1 लाख तक की शुरुआती सीड फंडिंग दी जाएगी।
प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन: संबंधित विभाग के सहयोग से DPR तैयार होने के बाद, इसे अंतिम वित्तीय स्वीकृति और परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भेजा जाएगा।
इस योजना से राज्य में शोध और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकार को व्यावहारिक और नए समाधान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

