बागवानी किसानों के लिए सरकार की बड़ी पहल, सिरसा और घरौंडा की प्रयोगशालाओं में फल-सब्जियों, मिट्टी और पानी के नमूनों की होगी मुफ्त जांच
Yuva Haryana : हरियाणा सरकार ने बागवानी किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए फल और सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों की मुफ्त जांच की सुविधा शुरू की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, उनकी उपज की गुणवत्ता सुधारने और आम लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
सिरसा और घरौंडा में उपलब्ध होगी सुविधा
यह सुविधा उद्यान विभाग की क्वालिटी टेस्टिंग लैबोरेटरीज में उपलब्ध कराई जा रही है। ये प्रयोगशालाएं सिरसा और घरौंडा (करनाल) में स्थित हैं।
दोनों प्रयोगशालाएं नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज से मान्यता प्राप्त हैं। यहां किसानों की बागवानी उपज के साथ-साथ मिट्टी और पानी के नमूनों की भी मुफ्त जांच की जाएगी।
10 प्रमुख कीटनाशकों के अवशेषों की जांच
प्रयोगशालाओं में आधुनिक तकनीक के माध्यम से फल और सब्जियों में मौजूद 10 प्रमुख कीटनाशकों के अवशेषों का सटीक विश्लेषण किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज की गुणवत्ता और उसमें मौजूद कीटनाशक अवशेषों की जानकारी मिल सकेगी।
जांच के लिए किसानों को क्या करना होगा?
मुफ्त जांच की सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रयोगशाला में कुछ जरूरी दस्तावेज और पंजीकरण संबंधी जानकारी देनी होगी। इनमें शामिल हैं:
• मेरी फसल, मेरा ब्यौरा का पंजीकरण विवरण
• पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी
• मोबाइल नंबर
• ई-मेल आईडी
किसान अपने नमूने की जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए संबंधित जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
किसानों से सुविधा का अधिकतम लाभ लेने की अपील
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश के किसानों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। सरकार के अनुसार, पहल का उद्देश्य किसानों की उपज की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ उनकी आय में सुधार करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

