हरियाणा में भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, 172 आरोपी रिश्वत लेते पकड़े गए
Yuva Haryana: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2026 में अब तक रिश्वत लेते हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को पकड़ने के 171 ट्रैप केस दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही ब्यूरो ने पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2022 में 170 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे। इस साल 30 सितंबर तक भ्रष्टाचार से जुड़े कुल 191 आपराधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें 155 ट्रैप केस शामिल हैं। इन मामलों में 172 आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
172 आरोपियों में 16 राजपत्रित अधिकारी शामिल
जनवरी से सितंबर 2026 के बीच दर्ज ट्रैप केस में पकड़े गए 172 आरोपियों में 16 राजपत्रित अधिकारी, 131 गैर-राजपत्रित कर्मचारी और 25 निजी व्यक्ति शामिल हैं। इन मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
ट्रैप कार्रवाई आम तौर पर उस समय की जाती है, जब किसी सरकारी कर्मचारी पर आधिकारिक काम करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप हो। शिकायत की जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बाद ब्यूरो की टीम आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए कार्रवाई करती है।
ब्यूरो प्रमुख डॉ. एएस चावला ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने, लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगवाने और अपने पद का दुरुपयोग करके नागरिकों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
88 नई जांच शुरू, 61 जांच पूरी
भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए ब्यूरो ने 30 सितंबर तक 88 नई जांच शुरू कीं। वहीं, 15 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 61 जांच पूरी की जा चुकी थीं।
इनमें से 16 जांचों के आधार पर 74 राजपत्रित अधिकारियों और 20 गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके अतिरिक्त, 10 जांचों में सात राजपत्रित अधिकारियों, 16 गैर-राजपत्रित कर्मचारियों और 40 निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की सिफारिश की गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि ब्यूरो की कार्रवाई केवल रिश्वत लेते पकड़ने तक सीमित नहीं है। शिकायतों की जांच के बाद विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की सिफारिशें भी की जा रही हैं।
21 मामलों में 26 आरोपियों को कठोर कारावास
भ्रष्टाचार के मामलों में अदालतों ने भी सजा सुनाई है। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान ब्यूरो द्वारा दर्ज 21 आपराधिक मामलों में 26 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इनमें 23 सरकारी अधिकारी या कर्मचारी और तीन निजी व्यक्ति शामिल हैं।
विभागवार आंकड़ों के अनुसार, दोषियों में पुलिस विभाग के छह और बिजली विभाग के पांच कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा सिंचाई, शिक्षा, आबकारी एवं कराधान तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों के कर्मचारियों को भी सजा सुनाई गई। शहरी स्थानीय निकाय, कौशल विकास, हरियाणा वेयरहाउसिंग और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम से जुड़े कर्मचारी भी इन मामलों में दोषी ठहराए गए।
शिकायतों पर कार्रवाई तेज करने का दावा
ब्यूरो के अनुसार, भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच, ट्रैप कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करने से भ्रष्टाचार के मामलों की पहचान और उन पर कार्रवाई में मदद मिल रही है।
हरियाणा सरकार ने सितंबर 2026 में ‘सतर्क हरियाणा’ मोबाइल ऐप भी शुरू किया था। इसके जरिए नागरिक भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें सीधे सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तक पहुंचा सकते हैं। ऐप में डिजिटल साक्ष्य साझा करने और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है।
जनता से भ्रष्टाचार की शिकायत करने की अपील
ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम करने के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना संबंधित एजेंसी को दें। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच और कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाती है।
हरियाणा में ट्रैप केस का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की व्यापकता को दर्शाता है। हालांकि, भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण का आकलन केवल दर्ज मामलों से नहीं, बल्कि जांच पूरी होने, दोषसिद्धि, विभागीय सुधार और आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं बिना रिश्वत उपलब्ध होने से भी किया जाएगा।

