Yuva Haryana: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और प्रशासनिक निर्देशों के बाद गुरुग्राम के कार्यालयों ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना शुरू कर दिया है। गुरुवार से शारीरिक उपस्थिति (physical attendance) पर 15 दिनों के लिए 50% की अनिवार्य सीमा लागू होने के मद्देनजर, कंपनियों ने अपने रोस्टर तैयार करना और हाइब्रिड वर्क मोड को बढ़ाना शुरू कर दिया है। कुछ कंपनियां जहां अपने मौजूदा वर्क फ्रॉम होम (WFH) के विकल्पों को अधिक कर्मचारियों तक बढ़ा रही हैं, वहीं कई अन्य कंपनियां अभी औपचारिक रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया में हैं।
निजी कंपनियों का रुख
एक प्रमुख इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी फर्म में, मौजूदा हाइब्रिड वर्किंग मोड को अधिकांश कर्मचारियों तक विस्तारित किया जा रहा है। एक कर्मचारी ने बताया कि पहले केवल जूनियर स्टाफ को हफ्ते में कुछ दिन घर से काम करने का विकल्प मिला हुआ था, जिसे अब अन्य कर्मचारियों के लिए भी बढ़ाया जा रहा है और हफ्ते में 2 से 3 दिन WFH की सीमा को भी लचीला किया जा रहा है। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी दिन दफ्तर में केवल 50% ही कर्मचारी आएं, कंपनियों द्वारा अभी औपचारिक दिशा-निर्देश या ईमेल जारी किए जाने बाकी हैं।
CAQM के निर्देश और आदेश
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा 30 अक्टूबर को की गई घोषणा के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली और एनसीआर के जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर—में सरकारी और निजी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे 5 नवंबर से 20 नवंबर तक अपनी शारीरिक उपस्थिति को 50% तक सीमित रखें और शेष कर्मचारी घर से काम करें।
सरकारी कार्यालयों की स्थिति
दूसरी ओर, गुरुग्राम के सरकारी कार्यालयों में एक अलग दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 50% की सीमा मुख्य रूप से उन प्रशासनिक कार्यालयों में लागू की जा रही है जहां बड़ी संख्या में अधीनस्थ कर्मचारी काम करते हैं। मिनी सचिवालय में अधिकांश कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे तब तक कार्यालय से काम करना जारी रखेंगे जब तक कि वे विशेष रूप से दूर से काम करने (remotely) की अनुमति न मांगें।
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, कार्यालय प्रमुखों को उपस्थिति रोस्टर तैयार करने और उन्हें निरीक्षण के लिए उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, आवश्यक सेवाओं (essential services) और ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को छूट दी गई है जहां घर से काम करना संभव नहीं है।

