Yuva Haryana: हरियाणा में पिछले पांच महीनों के भीतर 58,123 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कार्डों की संख्या में यह गिरावट जून से अक्टूबर के दौरान दर्ज की गई है।
रद्द किए गए कार्डों में सबसे ज्यादा कटौती राज्य गरीबी रेखा से नीचे (SBPL) श्रेणी में हुई है।
श्रेणीवार आंकड़ों की स्थिति
कुल कमी: जून में राज्य में कुल राशन कार्डों की संख्या 40,01,315 थी, जो अक्टूबर में घटकर 39,43,192 रह गई।
SBPL श्रेणी: जून में SBPL कार्डों की संख्या 37,14,018 थी, जो अक्टूबर में घटकर 36,63,200 हो गई (कुल 50,818 कार्ड कम हुए)।
AAY (अंत्योदय) श्रेणी: जून में AAY कार्डों की संख्या 2,87,297 थी, जो अक्टूबर में घटकर 2,79,992 रह गई (कुल 7,305 कार्ड कम हुए)।
राशन कार्ड कटने की मुख्य वजहें
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, राशन कार्ड घटने के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं:
आय सीमा से अधिक होना: परिवार पहचान पत्र (PPP) में सत्यापन के दौरान जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक पाई गई, उन्हें बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।
बिजली बिल और परिसंपत्तियां: अधिक बिजली बिल आने तथा चारपहिया वाहन (कार आदि) होने की जानकारी सामने आने पर भी कार्ड रद्द किए गए हैं।
स्वेच्छा से सरेंडर: अक्टूबर माह में आयोजित ग्राम सभाओं की बैठकों के दौरान कई लोगों ने स्वयं आगे आकर अपने राशन कार्ड सरेंडर किए हैं।
अधिकारी का बयान
परिवार पहचान पत्र (PPP) अथॉरिटी के राज्य कॉर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि ग्राम सभाओं का आयोजन कर ग्रामीण स्तर पर आय का भौतिक सत्यापन कराया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान लोगों को जागरूक भी किया गया, जिसके परिणामस्वरूप कई पात्र व अपात्र लोगों ने स्वयं अपने राशन कार्ड सरेंडर किए हैं।

