Yuva Haryana: हरियाणा में पिछले 48 घंटों के दौरान हुई तेज ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। खेतों में लहलहाती फसलें तबाह होने के बाद राजनीति भी गरमा गई है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है।
इन जिलों में 80 से 100 प्रतिशत तक फसलें बर्बाद
अभय चौटाला ने बताया कि प्रदेश के भिवानी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक, जींद, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ जिलों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की फसलें 80 से 100 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी हैं।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि किसान ने आढ़ती से कर्ज लेकर, खाद और बीज डालकर बड़ी उम्मीदों से फसल बोई थी, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के बाद उसके हाथ में कुछ नहीं बचा है।
“कागजों तक सीमित हैं गिरदावरी के आदेश”
चौटाला ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी सरकार का कोई अधिकारी या प्रशासनिक अमला धरातल पर किसानों का हाल जानने खेत तक नहीं पहुंचा। सरकार केवल कागजों में स्पेशल गिरदावरी के आदेश देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने अपने पिछले 12 सालों के कार्यकाल में किसानों की पूरी तरह अनदेखी की है, जिससे आज प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से बदहाल हो चुका है।
इनेलो की मुख्य मांगें:
तत्काल स्पेशल गिरदावरी: सरकार बिना किसी देरी के धरातल पर पारदर्शी स्पेशल गिरदावरी करवाए।
50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा: सभी प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए।
15 दिनों में सीधा भुगतान: मुआवजे की राशि 15 दिनों के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाए।
कर्ज माफी व सहायता: किसानों के फसली कर्ज माफ किए जाएं तथा अगली बिजाई के लिए मुफ्त बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए।
आंदोलन की दी चेतावनी
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हित में ये मांगें जल्द से जल्द स्वीकार नहीं कीं, तो इंडियन नेशनल लोकदल के कार्यकर्ता किसानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।

