Yuva Haryana: हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य में अंतिम मतदाता सूची आगामी 6 नवंबर को आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत करीब 36 लाख मतदाताओं के नाम सूची से कटने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में ही 33.84 लाख से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं, जबकि दावों व शिकायतों पर सुनवाई के बाद करीब 2.10 लाख मतदाता और अयोग्य पाए गए हैं। निर्वाचन आयोग को आशंका है कि इन सभी के नाम, पते या अन्य जानकारियों में गड़बड़ियां थीं।
हरियाणा में क्या रहा वोटरों का कुल आंकड़ा?
हरियाणा निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एसआईआर अभियान शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 221 मतदाता दर्ज थे। पहले चरण की प्रक्रिया के बाद करीब 44.92 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए थे, जिनमें से लगभग 99.1 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। अब तक की जांच में 2,10,254 मामलों में मतदाताओं को अपстран (अयोग्य) पाया गया है।
फरीदाबाद और गुरुग्राम सबसे आगे
विभिन्न जिलों में नामों के कटने के मामले में फरीदाबाद सबसे आगे रहा है। यहाँ कुल 6,83,750 नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 6,77,620 मामलों की सुनवाई हुई और करीब 50 प्रतिशत यानी 1,05,846 मामले अपात्र पाए गए। इसके अलावा, गुरुग्राम इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा, जहाँ 4,75,477 नोटिस जारी किए गए और 13,250 मामले अपात्र पाए गए।
घबराने की जरूरत नहीं, नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका
निर्वाचन आयोग स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के नाम सूची से हटे हैं या जो छूट गए हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि आयोग के पास ऐसी कोई व्यवस्था फिलहाल उपलब्ध नहीं है जिससे आवेदक सीधे यह ऑनलाइन पता लगा सके कि अंतिम सूची में उसका नाम है या नहीं, इसलिए लोगों को 6 नवंबर तक इंतजार करना होगा। अंतिम सूची जारी होने के बाद यदि कोई पात्र नागरिक छूट जाता है, तो वह अपने क्षेत्र के बीएलो (BLO) या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।

