Yuva Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 102A में निर्माणाधीन श्री माता शीतला देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को चालू करने में हो रही देरी से द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र के निवासियों में गहरा असंतोष है। द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन (DXP-GDA) ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और मरीजों की सेवाओं की शुरुआत के लिए समयबद्ध योजना (time-bound roadmap) जारी करने की मांग की है।
पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी और जीएमडीए (GMDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीसी मीणा को भी भेजी गई हैं।
मुख्य बिंदु:
परियोजना का विवरण: इस परियोजना में 883 बिस्तरों वाला एक शिक्षण अस्पताल (Teaching Hospital) और 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज शामिल है।
निर्माण की नई समयसीमा: अस्पताल के निर्माण की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया गया है।
PPP मॉडल टेंडर: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership – PPP) मोड के तहत अस्पताल के संचालन और रखरखाव (O&M) के लिए टेंडर की बिड-ओपनिंग तारीख 30 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
अनिश्चितता बरकरार: एसोसिएशन का कहना है कि सिर्फ निर्माण कार्य पूरा हो जाने से यह तय नहीं होता कि अस्पताल चालू हो गया है, क्योंकि अभी तक मरीजों के इलाज/सेवाएं शुरू होने की कोई पक्की तारीख तय नहीं की गई है।
एसोसिएशन ने क्या मांग की?
DXP-GDA के डिप्टी कनविनर सुनील सरीन ने पत्र में कहा कि गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र के तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा बहुत जरूरी है।
एसोसिएशन ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- उच्च स्तरीय समीक्षा: स्वास्थ्य मंत्री संबंधित अधिकारियों को एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक करने का निर्देश दें, ताकि निर्माण, प्रशासनिक और संविदात्मक (contractual) बाधाओं को दूर किया जा सके।
- समयबद्ध रोडमैप: निर्माण पूरा होने, वैधानिक स्वीकृतियों (statutory approvals), उपकरणों की स्थापना, मेडिकल स्टाफ की तैनाती और सेवाओं के संचालन के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी समयसीमा सार्वजनिक की जाए।
- जवाबदेही तय हो: परियोजना में बार-बार टलने वाली समयसीमाओं (revised deadlines) के कारणों की जांच की जाए और जहां लापरवाही हुई है, वहां जवाबदेही तय की जाए।

