Yuva Haryana: हरियाणा के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिमी मानसून की विदाई शुरू होने के बाद प्रदेश के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आया है। मौसम विभाग (IMD) ने 26 और 27 सितंबर को प्रदेश भर में तेज हवाओं (40 से 50 किमी/घंटा), गरज-चमक और झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम का मिजाज बदला है।
अचानक क्यों बदला मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय दो शक्तिशाली मौसमी प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना इस बदलाव की मुख्य वजह है:
- बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन: बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरा दबाव (डिप्रेशन) का क्षेत्र बना है। यह प्रणाली लगातार नमी खींचकर वायुमंडल में बारिश कराने वाले बादलों को सक्रिय रख रही है।
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): इसी दौरान उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है।
- दो प्रणालियों का संगम: जब बंगाल की खाड़ी से आई नमी वाली हवाएं और उत्तर-पश्चिम से आया पश्चिमी विक्षोभ आपस में टकराते हैं, तो इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत में बारिश, आंधी और बिजली कड़कने की गतिविधियां तेज हो जाती हैं।
राज्यों में मौसम का हाल
- उत्तर प्रदेश: मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य में रेड अलर्ट और बाढ़-जलभराव की चेतावनी जारी की है।
- उत्तराखंड: भारी से बेहद भारी बारिश के अलर्ट के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (landslide) और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
- दिल्ली-एनसीआर: मौसम विभाग ने 26 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में ठंडी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: डिप्रेशन के सीधे प्रभाव से भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई इलाकों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
- ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम: तटीय व पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
- हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश: बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
कब तक रहेगा बारिश का दौर?
मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का यह दौर अगले 2 से 5 दिनों तक (सितंबर के अंत तक) जारी रह सकता है।
28 सितंबर के बाद से उत्तर भारत में बारिश की तीव्रता में कमी आनी शुरू होगी और 30 सितंबर तक मौसम काफी हद तक साफ होने का अनुमान है। वहीं, अक्टूबर की शुरुआत से एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के साथ मानसून की विदाई दोबारा शुरू होगी।

