Yuva Haryana: हाल ही में जारी हुई ‘यूथ-पावर रिपोर्ट’ में हरियाणा और पंजाब के युवाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति की तुलना की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में नियमित कामगारों को पंजाब की तुलना में बेहतर वेतन और सुरक्षित नौकरियां मिल रही हैं, इसके बावजूद रोजगार और कामकाजी भागीदारी के मामले में हरियाणा के युवा पंजाब से पीछे हैं।
रिपोर्ट में युवाओं की स्थिति को 5 प्रमुख आधारों (शिक्षा, कौशल सीखने की तैयारी, रोजगार के अवसर, कामकाज और भागीदारी) पर परखा गया है।
कुल स्कोर में हरियाणा मामूली आगे
100 अंकों के कुल स्कोर में हरियाणा को 52.2 अंक मिले हैं, जबकि पंजाब को 51.4 अंक प्राप्त हुए हैं। यानी हरियाणा, पंजाब से महज 0.8 अंक आगे है।
कमाई और नौकरी की सुरक्षा में हरियाणा आगे
एमओएसपीआई (MOSPI) के 2025 के आंकड़ों के मुताबिक:
औसत दैनिक कमाई: हरियाणा में नियमित वेतनभोगी कर्मचारी की औसत रोजाना कमाई ₹898.6 है, जबकि पंजाब में यह ₹557.5 है। यानी हरियाणा में कर्मचारियों को पंजाब से रोजाना औसतन ₹341 ज्यादा मिल रहे हैं।
लिखित अनुबंध (Job Security): हरियाणा में प्रति 100 में से करीब 46 कामगारों के पास लिखित नौकरी का अनुबंध है, जबकि पंजाब में ऐसे कामगारों की संख्या करीब 17 है।
बेरोजगारी दर (15 से 29 वर्ष): 15 से 29 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर हरियाणा में 11.8% है, जबकि पंजाब में यह 17% है।
वित्तीय स्थिति: बैंक डिपॉजिट में अंतर
प्रति व्यक्ति बैंक जमा: आरबीआई के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में प्रति व्यक्ति बैंक जमा ₹3.1 लाख (₹3,10,000) है, जबकि पंजाब में यह ₹2.3 लाख (₹2,30,000) है। यानी दोनों राज्यों के बीच करीब ₹80,000 का अंतर है।
कर्ज वृद्धि: बैंक से कर्ज लेने की रकम में सालाना बढ़ोतरी हरियाणा में 15.8% और पंजाब में 12.9% रही।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: डिजिटल में हरियाणा, सड़क-रेल में पंजाब आगे
ग्राम पंचायतों में इंटरनेट (BharatNet): भारतनेट योजना के तहत तैयार ग्राम पंचायतों का हिस्सा हरियाणा में 97.2% है, जबकि पंजाब में यह 95% है। इसके जरिए गांवों में इंटरनेट की तैयारी हरियाणा में बेहतर है।
सड़क और रेल की पहुंच: इस मामले में पंजाब आगे निकल जाता है। पंजाब की 97% आबादी ऐसे इलाके में रहती है, जहां रेलवे स्टेशन 20 किलोमीटर के भीतर है, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा 91.5% है। इसके अलावा, प्रति 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कोर रोड नेटवर्क की लंबाई पंजाब में 0.61 किलोमीटर है, जबकि हरियाणा में यह 0.46 किलोमीटर है।
चिंता के दो बड़े पहलू: बच्चों की शिक्षा और सेहत
रिपोर्ट में हरियाणा के विकास की दो विपरीत तस्वीरें सामने आई हैं:
- गणित में पिछड़ रहे स्कूली बच्चे:
6वीं कक्षा: पंजाब में गणित सीखने का आंकड़ा 62% है, जबकि हरियाणा में 45% है (यानी पंजाब 17 प्रतिशत अंक आगे है)।
9वीं कक्षा: पंजाब में यह आंकड़ा 52% है, जबकि हरियाणा में 36% है (यहाँ भी पंजाब 16 प्रतिशत अंक आगे है)।
- स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति:
प्रदेश की 60.3% महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया है।
5 साल से कम उम्र के 27.5% बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के हिसाब से कम है।

