Yuva Haryana: हरियाणा भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की हालिया बैठक के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा आयोजित चाय पार्टी ने दक्षिण हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। 23 अक्टूबर को राव इंद्रजीत की बेटी और हरियाणा सरकार में मंत्री आरती राव के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर दक्षिण हरियाणा के 7 विधायक जुटे। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी की बैठक और कार्यकर्ताओं के सम्मान का मुद्दा
यह बैठक इसलिए चर्चा में है क्योंकि इससे ठीक पहले स्मृति ईरानी के साथ हुई बैठक में राव इंद्रजीत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उनके सम्मान का मुद्दा उठाया था। हालांकि, बैठक में शामिल एक विधायक ने इसे संगठन के विस्तार पर सामान्य चर्चा बताया है और किसी भी सामूहिक राजनीतिक रणनीति या संगठनात्मक बदलाव पर सहमति की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है। चंडीगढ़ के सेक्टर-72 स्थित कोठी नंबर-82 में आयोजित इस चाय पार्टी में गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, पटौदी की विधायक विमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, कोसली के विधायक अनिल यादव, बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, बाढ़डा के विधायक उमेद पातुवास और दादरी के विधायक सुनील सांगवान पहुंचे।
पिछले साल की डिनर डिप्लोमेसी की भी आई याद
राव इंद्रजीत सिंह की इस मौजूदा चाय पार्टी के साथ पिछले साल 18 जून को आयोजित डिनर की भी चर्चा होने लगी है। उस रात्रिभोज में 12 विधायक शामिल हुए थे, जिनमें कांग्रेस का एक विधायक भी था। उस समय भी मुलाकात के राजनीतिक मायनों को लेकर चर्चाएं गर्म थीं। अब एक बार फिर विधायकों के साथ बैठक सामने आने से राव इंद्रजीत की सक्रियता पर ध्यान गया है। हालांकि, पिछली डिनर बैठक और मौजूदा चाय पार्टी की परिस्थितियां अलग हैं।
क्षेत्रीय नेतृत्व और संगठनात्मक तालमेल पर नजर
चाय पार्टी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या दक्षिण हरियाणा के विधायकों की यह मुलाकात क्षेत्रीय नेताओं के बीच संवाद और समन्वय मजबूत करने का प्रयास थी। भाजपा के लिए विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। दक्षिण हरियाणा में राव इंद्रजीत की राजनीतिक भूमिका को देखते हुए उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पार्टी के भीतर होने वाली चर्चा पर नजर रहेगी। हालांकि, चाय पार्टी में किसी साझा मांग, नेतृत्व परिवर्तन या भावी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखना फिलहाल उचित नहीं होगा।
फिलहाल चर्चाओं तक सीमित हैं राजनीतिक मायने
आरती राव के आवास पर हुई मुलाकात ने दक्षिण हरियाणा में क्षेत्रीय नेतृत्व और संगठनात्मक समन्वय को लेकर बहस जरूर तेज की है। एक ओर कार्यकर्ताओं के सम्मान का मुद्दा सामने आया, तो दूसरी ओर क्षेत्र के सात विधायकों की बैठक ने राजनीतिक हल्कों में नए सवाल खड़े किए। फिलहाल बैठक को संगठन विस्तार पर सामान्य चर्चा बताए जाने के अलावा किसी एजेंडे की पुष्टि नहीं हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यकर्ताओं की भागीदारी और सम्मान का मुद्दा भाजपा के संगठनात्मक विमर्श में आगे कितना स्थान पाता है और दक्षिण हरियाणा के नेताओं के बीच इस तरह का संवाद आगे भी जारी रहता है या नहीं।

