हरियाणा में चुनावी वादों को लेकर सियासत तेज, सैलजा बोलीं- कांग्रेस की गलतियों से सबक लेने की जरूरत, भाजपा सरकार श्वेतपत्र जारी करे
Yuva Haryana: हरियाणा में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है। इसी बीच कांग्रेस महासचिव और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने चुनावी नतीजों, पार्टी की गलतियों और भाजपा सरकार के वादों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए और वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में हुई गलतियों से सबक लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार से उसके दो साल के कार्यकाल का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस को केवल चुनावी हार पर चर्चा करने के बजाय संगठन की कमजोरियों और जनता से किए गए वादों की स्थिति पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अपने वादों की प्रगति का विवरण जनता के सामने रखना चाहिए।
कांग्रेस की गलतियों से सबक लेने की जरूरत
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस को वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में हुई गलतियों की पहचान करनी होगी। उनके अनुसार, पार्टी के लिए जरूरी है कि वह चुनावी नतीजों की समीक्षा करे और भविष्य की रणनीति में सुधार लाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर अपनी कमियों को दूर करना चाहिए। चुनाव में हार के कारणों को समझने के साथ-साथ यह भी देखना जरूरी है कि जनता तक पार्टी का संदेश किस तरह पहुंचा और किन मुद्दों पर अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया।
सैलजा ने कहा कि चुनावी हार की जिम्मेदारी तय करने और सुधार की दिशा में कदम उठाने के लिए गंभीर मंथन होना चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी को आगे की रणनीति बनाते समय जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देनी होगी।
भाजपा सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग
सैलजा ने भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने चुनावी वादों की स्थिति और उन्हें पूरा करने में हुई प्रगति का विवरण श्वेतपत्र के माध्यम से सार्वजनिक करे।
उनका कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों में से कितने पूरे हुए और कितने अभी लंबित हैं। श्वेतपत्र जारी होने से सरकार के कामकाज और योजनाओं की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
उन्होंने महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीब परिवारों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा। सैलजा के अनुसार, इन वर्गों के लिए किए गए वादों की प्रगति स्पष्ट रूप से सामने आनी चाहिए, ताकि जनता यह समझ सके कि घोषणाओं का वास्तविक लाभ कितना मिला है।
महिलाओं और युवाओं के लिए किए गए वादों पर सवाल
कुमारी सैलजा ने महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं के रोजगार और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार से जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये देने के वादे के तहत कितनी महिलाओं को लाभ मिला है।
इसके अलावा, उन्होंने 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज और मुफ्त डायलिसिस जैसी सुविधाओं का लाभ पाने वाले लोगों की संख्या पर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि दो लाख सरकारी नौकरियों और पांच लाख अन्य रोजगार अवसरों के वादे पर कितनी प्रगति हुई है।
सैलजा ने फसलों की खरीद से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने पूछा कि 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर सरकार ने कितना काम किया है। इन सवालों के जरिए उन्होंने सरकार से योजनाओं और घोषणाओं के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
मकान, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक विकास पर भी जवाब मांगा
सैलजा ने पांच लाख मकान बनाने के वादे के तहत स्वीकृत मकानों और लाभ पाने वाले परिवारों की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी। उन्होंने युवाओं के कौशल प्रशिक्षण, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और सरकारी नौकरियों से जुड़े वादों पर सवाल उठाए।
इसके अलावा, उन्होंने 10 औद्योगिक शहरों, रेल परियोजनाओं और अरावली जंगल सफारी पार्क से संबंधित योजनाओं की प्रगति जानने की मांग की। उनका कहना है कि सरकार को इन परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और उपलब्धियों का स्पष्ट विवरण देना चाहिए।
हरियाणा की राजनीति में तेज हो सकती है बहस
कुमारी सैलजा के सवालों से हरियाणा में चुनावी वादों और सरकार के कामकाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। एक ओर उन्होंने कांग्रेस को अपनी चुनावी हार से सबक लेने की सलाह दी, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार से जवाबदेही की मांग की।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा सरकार इन सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या चुनावी वादों की प्रगति का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाता है। वहीं, कांग्रेस के लिए भी यह चुनौती होगी कि वह चुनावी हार की समीक्षा कर संगठन को मजबूत बनाने और जनता के बीच अपना भरोसा बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाती है।

