SIR और धान-बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर किसानों की परेशानी पर जजपा का हमला, भाजपा सरकार को सौंपा ज्ञापन
Yuva Haryana: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और धान-बाजरे की सरकारी खरीद में किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भिवानी में जजपा जिला इकाई ने किसानों की समस्याओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया और प्रशासन के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं SIR प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सरकारी खरीद में किसानों को हो रही परेशानी
जजपा नेताओं ने कहा कि धान और बाजरे की सरकारी खरीद के दौरान किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद और किसानों को भुगतान से जुड़े मुद्दे उठाए। नेताओं का कहना है कि किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद समय पर भुगतान मिलना चाहिए, ताकि वे खेती की लागत और घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकें।
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों की शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए। पार्टी ने कहा कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, डीजल, मजदूरी और अन्य संसाधनों पर खर्च बढ़ने के कारण किसानों पर आर्थिक दबाव है। ऐसे में सरकारी खरीद में किसी भी तरह की देरी या उचित मूल्य नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ सकती है।
जजपा ने MSP बढ़ाने की मांग उठाई
जजपा ने गेहूं, चना, जौ, सरसों, दलहन और बाजरा सहित विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की मांग की। पार्टी का कहना है कि किसानों को बढ़ती कृषि लागत के अनुरूप फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।
ज्ञापन में विशेष रूप से बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल 200 रुपये की बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया गया। साथ ही, बाजरे की सरकारी खरीद में प्रति क्विंटल केवल 25 रुपये की बढ़ोतरी को किसानों की मेहनत और बढ़ती लागत के मुकाबले अपर्याप्त बताया गया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं और किसानों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जाए।
SIR प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग
जजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी चिंता जताई। पार्टी ने मांग की कि इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित रूप से मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि मतदाता सूची से नाम हटाने या उसमें संशोधन करने की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। जिन मतदाताओं के दस्तावेजों या विवरणों को लेकर कोई समस्या है, उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए।
पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। इसलिए SIR प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारियों को सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
भाजपा सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
जजपा नेताओं ने भाजपा सरकार की किसान नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों को उनकी मेहनत के अनुसार लाभकारी मूल्य और समय पर भुगतान मिलना चाहिए। पार्टी ने सरकार से खरीद व्यवस्था में सुधार करने तथा कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से जजपा ने स्पष्ट किया कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
जिला स्तर पर उठाए गए मुद्दे
जजपा जिला इकाई ने इन मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
कुल मिलाकर, जजपा ने भिवानी में SIR प्रक्रिया और फसलों की सरकारी खरीद से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। पार्टी की मांग है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, खरीद और भुगतान व्यवस्था में सुधार हो तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखे जाएं।

