Yuva Haryana: राजनीति के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री बिश्नोई रत्न चौधरी भजनलाल के निधन के 15 साल 5 महीने बाद सोमवार को उनकी पहली प्रतिमा स्थापित की गई है। मूल रूप से फतेहाबाद के गांव मोहम्मदपुर रोही (एमि रोही) के निवासी रहे पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल का 3 जून 2011 को निधन हुआ था।
सोमवार को सिरसा रोड स्थित बिश्नोई मंदिर में 542वें बिश्नोई धर्म स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में इस प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
16 लाख की लागत से अष्टधातु से बनी है छह फीट ऊंची प्रतिमा
बिश्नोई मंदिर परिसर में स्थापित पूर्व सीएम की यह प्रतिमा कई मायनों में खास है। छह फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर 16 लाख रुपये की लागत आई है। इसे जयपुर के कुशल कारीगरों ने अष्टधातु से तैयार किया है। अष्टधातु से बनी होने के कारण यह मौसम की मार से कभी खराब नहीं होगी।
कुलदीप बिश्नोई ने पिता के संघर्ष को किया याद
कुलदीप बिश्नोई ने अपने पिता के संघर्ष को याद किया। यह प्रतिमा स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को यह सीख देना है कि कड़ी मेहनत के दम पर एक साधारण परिवार का बच्चा भी बड़े से बड़े पद पर पहुंच सकता है। पाक से आकर फतेहाबाद के एमंपी रोही में बसे भजनलाल के पास थोड़ी सी ही जमीन थी।
कुलदीप बिश्नोई ने बताया कि उन्होंने खुद उनकी पीठ पर बोरी ढोने के निशान देखे हैं। पंच, सरपंच और ब्लाक समिति से लेकर मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचना, यह उनके जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष है। कुलदीप ने कहा कि भजनलाल की शिक्षा थी कि कभी झुकना नहीं, दबना नहीं और पावर का कभी गलत इस्तेमाल मत करना।

