Yuva Haryana: केंद्र सरकार ने हरियाणा में एचपीएस (HPS) से आईपीएस (IPS) के रूप में पदोन्नत किए गए 18 अधिकारियों को उनका बैच अलॉट कर दिया है। इन सभी अधिकारियों को इनकी सिलेक्ट लिस्ट से तीन साल की वरिष्ठता (सिनियरिटी) दी गई है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी मिलेगा लाभ
इस प्रक्रिया में रिटायर हो चुके राजीव देशवाल को भी पदोन्नति का लाभ मिला है। उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है, लेकिन उन्हें 2017 बैच का आईपीएस मानते हुए सभी वित्तीय और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे।
किस अधिकारी को मिला कौन सा बैच?
2017 बैच: राजीव देशवाल (सेवानिवृत्त), मुकेश कुमार, सुरेश कुमार और वीरेंद्र सिंह।
2018 बैच: धर्मवीर सिंह, बलजिंद्र सिंह और जयवीर सिंह।
2019 बैच: ध्यान सिंह पूनिया, ताहिर हुसैन और राजेश कुमार।
2020 बैच: रविंद्र कुमार तोमर।
2021 बैच: नरेंद्र सिंह, विजय सिंह, सिद्धार्थ ढांडा और ममता खरब।
2022 बैच: तान्या सिंह, करण गोयल और संदीप कुमार।
आईजी रैंक तक पहुंच सकते हैं पांच अफसर
इनमें से कई अधिकारियों की सर्विस अभी लंबी है, जिसके चलते 2021 बैच के सिद्धार्थ ढांडा व ममता खरब तथा 2022 बैच की तान्या सिंह, करण गोयल और संदीप कुमार भविष्य में आईजी (IG) रैंक तक पहुंच सकते हैं।
सेवा अवधि की बात करें तो करण गोयल की सर्विस सबसे लंबी है जो 30 नवंबर 2045 तक है। इसके बाद संदीप कुमार 30 अप्रैल 2044 तक सेवा में रहेंगे, जबकि तान्या सिंह, ममता खरब और सिद्धार्थ ढांडा वर्ष 2042 में रिटायर होंगे। वहीं, रविंद्र कुमार तोमर, ध्यान सिंह, धर्मवीर सिंह और मुकेश कुमार वर्ष 2028 में ही रिटायर हो जाएंगे।
प्रमोशन में देरी का नुकसान
इन अधिकारियों को प्रमोशन में देरी का नुकसान भी उठाना पड़ा है। वर्ष 2020 से 2025 सिलेक्ट वर्ष के दौरान ये एचपीएस अधिकारी पदोन्नत होकर आईपीएस बने हैं। राजीव देशवाल समेत 2017 बैच का आईपीएस पाने वाले अधिकारियों का प्रमोशन सिलेक्ट वर्ष 2020 है, यानी नियमों के अनुसार इन्हें उस वर्ष पदोन्नत होना चाहिए था।
वरिष्ठता का समीकरण
ये सभी पदोन्नत अधिकारी ग्रेडेशन लिस्ट में अपने बैच वर्ष के सीधी भर्ती (डायरेक्ट) वाले आईपीएस अधिकारियों से जूनियर रहेंगे, लेकिन इनके बाद के बैच वर्ष में सीधे हरियाणा कैडर में आने वाले आईपीएस अधिकारियों से ये सीनियर माने जाएंगे।

