Yuva Haryana : हरियाणा की मंडियों में फसल खरीद के दौरान धांधली के मामले सामने आ रहे है। अब इन धांधलियों से निपटने के लिए सरकार सख्त होती हुई दिखाई दे रही है।
दरअसल, हरियाणा में बाजरा और धान की खरीद प्रक्रिया में हो रही धांधली को लेकर सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाया है। सीएम नायब सिंह सैनी ने निलंबित किए गए पांच अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए है।
आपको बता दें कि हाल ही में हरियाणा सरकार ने कनीना और कोसली अनाज मंडी में ई-खरीद पोर्टल और मार्केट कमेटी के रजिस्टर में अंतर पाए जाने पर कनीना मंडी के सचिव-सह-ईओ और कोसली अनाज मंडी के सचिव-सह-ईओ को निलंबित कर दिया था।
इसी तरह मार्केट कमेटी करनाल में अलग-अलग आईपी का इस्तेमाल कर फर्जी गेट पास जारी करने पर मंडी सुपरवाइजर हरदीप व अश्वनी और ऑक्शन रिकॉर्डर सतबीर को निलंबित किया था।
इन मामलों पर ही सख्त कदम उठाते हुए अब सीएम ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है। धान व बाजरा की खरीद प्रक्रिया को लेकर सीएम ने सभी संबंधित विभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इसमें सीएम ने कहा कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। खरीद की आड़ में सरकार के साथ धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
नायब सैनी ने कहा कि केवल मंडी के निर्धारित दायरे में ही गेट पास स्कैन किया जाएगा। जिन मंडियों में गेट पास स्कैन सिस्टम का दुरुपयोग हुआ है, वहां संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान करके विस्तृत रिपोर्ट देंगे। ऐसे मामलों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज होगी।
सीएम ने कहा कि दूसरे राज्यों से फसल लाकर हरियाणा में बेचने वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे राज्यों से आने वाले धान की अवैध एंट्री को हर कीमत पर रोका जाए। सभी सीमावर्ती जिलों में पुलिस नाकाबंदी करें।
बैठक में अधिकारियों ने सीएम को यह भी बताया कि कुछ स्थानों से बाहरी राज्यों से धान की आमद और गेट पास स्कैनिंग में अनियमितताओं की शिकायतें मिली है। अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व कैथल में खरीद किए गए धान की मिलिंग के लिए जिन मिलों को धान आवंटित किया गया है, उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन की जा रही है।
अब तक खरीद संस्थाओं ने 2.66 लाख किसानों से लगभग 52.18 लाख मीट्रिक टन की खरीद की है। किसानों के खाते में 10,204.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए है। राज्य की खरीद संस्थाओं ने 291.10 मीट्रिक टन व निजी व्यापारियों ने 3.99 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की है।



