Yuva Haryana: हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े 21 साल के कुख्यात अपराधी रवि उर्फ एलियास उचानी को मलेशिया से डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करनाल के पास स्थित उचानी गांव का रहने वाला है और वर्ष 2024 से लगातार फरार चल रहा था।
STF के DIG सुरेंद्र पाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी के खिलाफ फिलहाल 3 FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें रंगदारी और एक्सटॉर्शन के गंभीर मामले शामिल हैं।
विदेशों में बैठकर भारत में फैला रहा था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि 21 वर्षीय रवि गलत संगति में पड़ने के बाद अपराध की दुनिया में दाखिल हुआ। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे सुनील मीणा के संपर्क में आया और विदेश (मलेशिया) में रहकर भारत के कई हिस्सों में आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा था।
शूटर और हथियार उपलब्ध कराना
आरोपी विदेश में बैठकर स्थानीय लड़कों को बहला-फुसलाकर और पैसों का लालच देकर शूटर तैयार करता था। वह उन्हें हथियार भी मुहैया कराता था। रेवाड़ी-नारनौल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर हुई फायरिंग की घटना में भी उसने ही शूटर उपलब्ध कराए थे।
बड़ी वारदातों की योजना:
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी ने कुरुक्षेत्र और झारखंड के रांची में बड़ी आपराधिक वारदातों के लिए शूटरों के ठहरने और लॉजिस्टिक्स का खर्च उठाया था।
राजस्थान और झारखंड के नेताओं-कारोबारियों से मांगी करोड़ों की रंगदारी
मलेशिया में बैठकर आरोपी व्यापारियों और राजनेताओं को फोन पर धमकियां देकर मोटी रंगदारी वसूलता था:
- रांची मामला: रांची के एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जांच के दौरान रंगदारी मांगने वाले व्यक्ति की बातचीत का हरियाणवी लहजा मिला, जिसके बाद हरियाणा एसटीएफ से संपर्क किया गया और रवि की संलिप्तता का खुलासा हुआ।
- राजस्थान मामला: राजस्थान के जयपुर (मालवीय नगर) में एक पूर्व विधायक और वरिष्ठ राजनेता से करीब 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं और IT Act की धारा 66(E) के तहत मामला (FIR No. 20/2026) दर्ज किया है।
कुरुक्षेत्र केस में 4 साथी पहले ही गिरफ्तार, केंद्रीय एजेंसियों की मदद से लाया गया भारत
कुरुक्षेत्र में दर्ज एक मामले में एसटीएफ आरोपी के 4 साथियों को हथियारों के साथ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। रवि इस मामले में पांचवां आरोपी है।
STF के मुताबिक, आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया में इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों सहित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली गई। मलेशिया से डिपोर्ट होने के बाद उसे एयरपोर्ट से सीधे अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अब उसके अन्य संपर्कों, नेटवर्क और धमकियों के शिकार हुए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

