हरियाणा में कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को अनुभव और जिले की श्रेणी के आधार पर मिलेगा लाभ, वित्त विभाग की मंजूरी के बाद जारी होगा अंतिम आदेश
Yuva Haryana: हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और अन्य संस्थानों में काम कर रहे करीब 1.20 लाख कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है। कर्मचारियों को उनकी श्रेणी, कार्यस्तर और सेवा अवधि के आधार पर हर महीने 820 रुपये से लेकर 1,540 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, जबकि इसके बाद वित्त विभाग की अंतिम स्वीकृति और औपचारिक आदेश जारी होने की प्रक्रिया बाकी बताई गई थी।
1.20 लाख कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ
HKRN के जरिए प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में अनुबंध के आधार पर कर्मचारी लगाए जाते हैं। इन कर्मचारियों का मानदेय उनके काम के स्तर, अनुभव और तैनाती वाले जिले की श्रेणी के अनुसार तय होता है।
प्रस्तावित बदलाव के तहत अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के मानदेय में अलग-अलग राशि बढ़ाने की योजना है। इसलिए हर कर्मचारी को समान बढ़ोतरी नहीं मिलेगी। किसी कर्मचारी का वास्तविक लाभ उसके लेवल, सेवा अवधि और जिले की श्रेणी पर निर्भर करेगा।
तीन श्रेणियों में बांटे गए हैं जिले
हरियाणा के जिलों को मानदेय निर्धारण के लिए तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
पहली श्रेणी में पंचकूला, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम और चंडीगढ़-दिल्ली जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। दूसरी श्रेणी में झज्जर, पानीपत, पलवल, करनाल, अंबाला, जींद, यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, रोहतक, हिसार और भिवानी जैसे जिले शामिल बताए गए हैं। तीसरी श्रेणी में चरखी दादरी, नूंह, सिरसा, फतेहाबाद और महेंद्रगढ़ का उल्लेख है।
जिले की श्रेणी के साथ कर्मचारी का लेवल भी महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण एक ही पद या अनुभव वाले कर्मचारियों के मानदेय में अलग-अलग जिलों में अंतर हो सकता है।
अनुभव के आधार पर तय होगी बढ़ोतरी
प्रस्ताव में कर्मचारियों की सेवा अवधि के तीन समूह बनाए गए हैं—पांच वर्ष तक, पांच से दस वर्ष और दस वर्ष से अधिक। इसके साथ लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
पहली श्रेणी के जिलों में लेवल-1 के कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर 1,050 रुपये से 1,270 रुपये तक की मासिक बढ़ोतरी मिल सकती है। लेवल-2 में यह राशि 1,150 से 1,380 रुपये और लेवल-3 में 1,240 से 1,540 रुपये तक बताई गई है।
दूसरी श्रेणी के जिलों में प्रस्तावित बढ़ोतरी 930 से 1,380 रुपये तक और तीसरी श्रेणी में 820 से 1,290 रुपये तक बताई गई है। ये आंकड़े प्रस्तावित वृद्धि के हैं; इन्हें कर्मचारियों के वर्तमान कुल मासिक वेतन के रूप में नहीं समझना चाहिए।
पहले 5 प्रतिशत मानदेय संशोधन भी हुआ
HKRN कर्मचारियों के मानदेय में सितंबर 2026 में 5 प्रतिशत संशोधन के आदेश जारी होने की खबर भी आई थी। संशोधित दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी की गई थीं। इस संशोधन में भी कर्मचारी के लेवल, अनुभव और जिले की श्रेणी के आधार पर मानदेय तय किया गया था।
इसलिए प्रस्तावित 820 से 1,540 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी और 5 प्रतिशत संशोधन को एक ही निर्णय मानने से पहले आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है। कर्मचारियों को अपने विभाग या HKRN से यह पुष्टि करनी चाहिए कि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिली है या नहीं और नई दरें किस तारीख से लागू होंगी।
कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
HKRN कर्मचारियों को अपने लेवल, सेवा अवधि और जिले की श्रेणी के अनुसार लागू मानदेय की जानकारी विभागीय कार्यालय या निगम के आधिकारिक माध्यम से लेनी चाहिए। अंतिम आदेश जारी होने पर ही बढ़ोतरी की सटीक राशि और भुगतान की तारीख स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित वेतन वृद्धि से हरियाणा के करीब 1.20 लाख HKRN कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ और लागू होने की तारीख की पुष्टि अंतिम सरकारी आदेश से ही होगी।

