Yuva Haryana: चंडीगढ़ में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए हरियाणा सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब डॉक्टरों को अपने मूल दस्तावेज और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और इसके लिए सरकारी निर्देश के बाद सभी मेडिकल कॉलेज शनिवार और रविवार (अवकाश के दिनों में भी) खुले रहेंगे।
मुख्य बिंदु:
छुट्टियों में भी खुले रहेंगे कॉलेज: सरकार के सख्त निर्देश के बाद निदेशक और डीन कार्यालय छुट्टियों के दिनों में भी खुले रहेंगे ताकि डॉक्टरों को समय पर उनके दस्तावेज मिल सकें।
दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख और प्रक्रिया: चयनित डॉक्टरों को चार साल की मार्कशीट, इंटर्नशिप सर्टिफिकेट, अटेम्प्ट सर्टिफिकेट और हरियाणा मेडिकल काउंसिल का स्थायी पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा कराना है। दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है। हरियाणा में पीजी करने वालों को वचनपत्र देना होगा और पीजी पूरी होने के तीन सप्ताह के भीतर कॉलेज में एमबीबीएस के दस्तावेज दोबारा जमा कराने होंगे।
बॉउंड नीति के तहत 595 डॉक्टरों को नौकरी की तैयारी: सेवा प्रोत्साहन बॉउंड नीति के दायरे में आने वाले करीब 595 एमबीबीएस डॉक्टरों को जल्द नौकरी देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग एक विशेष पोर्टल तैयार करेगा जिस पर खाली पदों का ब्योरा उपलब्ध होगा। नियुक्ति पूरी तरह से मेरिट और पसंद के आधार पर की जाएगी।
डॉक्टरों के पास होंगे 3 विकल्प: बॉउंड नीति के तहत डॉक्टरों के पास सरकारी सेवा करने, या फिर सेवा न करने पर बॉउंड की पूरी राशि एकमुश्त या मासिक किस्तों में जमा करने का विकल्प रहेगा। नियुक्ति व तैनाती मेरिट-कम-चॉइस के आधार पर होगी।
अभी तीन राउंड की काउंसलिंग बाकी: अभी 150 विद्यार्थियों का काउंसलिंग में चयन हुआ है और काउंसलिंग के तीन दौर अभी बाकी हैं जिनमें अन्य विद्यार्थियों को भी पीजी में दाखिला मिल सकता है।

