Yuva Haryana: हरियाणा के सरकारी, सहायता प्राप्त (Aided) और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों से लेट फीस वसूलने के बावजूद उसे सरकार के खाते में ट्रांसफर न करने पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। विभाग ने प्रदेश के सभी डिफ़ॉल्टर कॉलेजों को बकाया राशि जमा कराने के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा के भीतर भुगतान न होने पर पूरे मामले को सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजा जाएगा।
15 अक्टूबर को जारी हुए अलग-अलग रिमाइंडर
उच्चतर शिक्षा विभाग ने 15 अक्टूबर को तीनों शैक्षणिक सत्रों (2023-24, 2024-25 और 2025-26) के लिए अलग-अलग रिमाइंडर जारी कर संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों (Principals) को लेट फीस की राशि तुरंत जमा करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों को महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा हरियाणा, पंचकूला के पक्ष में ‘डिमांड ड्राफ्ट’ (Demand Draft) के जरिए भुगतान करना होगा। भुगतान के तुरंत बाद उसका प्रमाण विभाग को उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है।
साल-दर-साल बढ़ता गया बकाया: 33% की वृद्धि
विभाग की कॉलेजवार सूची के अनुसार हर साल लेट फीस की बकाया राशि में लगातार इजाफा हुआ है:
सत्र 2023-24: कॉलेजों पर कुल 41.64 लाख रुपये बकाया थे।
सत्र 2024-25: यह आंकड़ा बढ़कर 1.116 करोड़ रुपये (1,11,64,442 रु.) हो गया।
सत्र 2025-26: बकाया राशि उछलकर 1.484 करोड़ रुपये (1,48,44,896 रु.) तक पहुंच गई।
कुल बकाया: तीनों सत्रों को मिलाकर यह राशि 3.02 करोड़ रुपये (3,01,72,347 रु.) हो चुकी है। पिछले सत्र के मुकाबले इस बार करीब 33 प्रतिशत अधिक राशि जमा होनी बाकी है।
पलवल जिले में सबसे ज्यादा, चरखी दादरी में सबसे कम बकाया
प्रदेश के 22 जिलों के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया है:
शीर्ष बकाया वाले जिले:
- पलवल: सबसे ज्यादा ₹41.38 लाख से अधिक का बकाया (2023-24: ₹8.07 लाख | 2024-25: ₹14.45 लाख | 2025-26: ₹18.84 लाख)।
- महेंद्रगढ़: कुल बकाया करीब ₹46.50 लाख।
- यमुनानगर: कुल बकाया करीब ₹31.25 लाख।
- सोनीपत: कुल बकाया करीब ₹32.36 लाख।
सबसे कम बकाया वाले जिले:
- चरखी दादरी: प्रदेश में सबसे कम मात्र ₹300 बकाया (केवल सत्र 2024-25 का)।
- भिवानी: कुल बकाया ₹1.27 लाख से कम।
- अम्बाला: कुल बकाया ₹1.87 लाख से कम।
छात्रों से वसूली फीस, लेकिन सरकार को नहीं की ट्रांसफर
उच्च शिक्षा विभाग की कोऑर्डिनेशन ब्रांच ने सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन एडमिशन को लेकर 26 जुलाई 2022 और 26 मई 2023 को सख्त गाइडलाइंस जारी की थीं। इसके तहत देर से दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों से ली गई लेट फीस का निर्धारित हिस्सा तुरंत सरकारी खाते में ट्रांसफर करना अनिवार्य था।
हालांकि, कॉलेजों ने दाखिले के समय ही विद्यार्थियों से फीस तो वसूल कर ली, लेकिन उसे सरकार के पास जमा नहीं कराया। इससे पहले विभाग ने दिसंबर 2023 और अप्रैल 2026 में भी स्मरण पत्र (Reminders) भेजे थे, जिन्हें कॉलेजों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया था।
आईटी सेल को दिए गए पोर्टल पर सूची अपलोड करने के निर्देश
विभाग ने कॉलेज-2 शाखा को प्राचार्यों से भुगतान सुनिश्चित कराने और आईटी सेल (IT Cell) को रिमाइंडर व कॉलेजवार बकाए की सूची दाखिला पोर्टल तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। यदि एक सप्ताह में राशि जमा नहीं होती है, तो संबंधित संस्थाओं पर सख्त प्रशासनिक गाज़ गिरना तय माना जा रहा है।

