Yuva Haryana: हरियाणा में आगामी पेराई सत्र (2026-27) को लेकर चीनी मिलों और किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ लिमिटेड (Sugarfed) द्वारा कराए गए नवीनतम सर्वे के अनुसार, इस बार पेराई सत्र के दौरान मिलों को पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 8.5% अधिक गन्ना मिलने का अनुमान जताया गया है।
32 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन का अनुमान
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, आगामी सत्र 2026-27 में मिलों को करीब 320 लाख क्विंटल गन्ना मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस आपूर्ति से राज्य में लगभग 32 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हो सकता है। यह आंकड़ा पिछले पेराई सत्र में हुए 26.24 लाख क्विंटल उत्पादन की तुलना में 5.76 लाख क्विंटल अधिक है।
बिजाई में 46.67% का इजाफा
हरियाणा में गन्ने के रकबे में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई है:
निर्धारित लक्ष्य: खरीफ-2026 के लिए गन्ने की बिजाई का लक्ष्य 75 हजार हेक्टेयर रखा गया था।
वास्तविक बिजाई: किसानों ने 1.10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गन्ने की बिजाई की है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 146.67 प्रतिशत है।
पिछले वर्ष गन्ने का क्षेत्रफल लगभग 94 हजार हेक्टेयर था। बिजाई का रकबा बढ़ने से इस बार गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता और चीनी उत्पादन दोनों में सुधार की पूरी उम्मीद है।
अनुकूल मौसम से फसल को राहत
संघ के प्रबंध निदेशक शक्ति सिंह के अनुसार, इस बार मौसम, बारिश और बीमारियों का गन्ने की फसल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।
पिछले पेराई सत्र में भारी बरसात के कारण फसल को नुकसान पहुँचा था, जिससे अनुमानित 305 लाख क्विंटल के मुकाबले मिलों को केवल 295 लाख क्विंटल गन्ना ही मिल पाया था।
इस बार गन्ने की फसल बेहतर स्थिति में है। आमतौर पर 1 क्विंटल गन्ने से 9 से 10 प्रतिशत चीनी प्राप्त होती है, जिसके आधार पर इस वर्ष 320 लाख क्विंटल गन्ने से 28.8 लाख से 32 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन की संभावना है।
1 किलो के पैकेट में भी बिकेगी चीनी
आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ ने एक नई पहल की योजना बनाई है:
पैकेटबंद चीनी की बिक्री: संघ अगले डेढ़ महीने (लगभग 45 दिन) में 1 किलोग्राम के पैकेट में नॉन-रिफाइंड चीनी की बिक्री शुरू करने जा रहा है।
पैकिंग केंद्र: यह पैकेटबंद चीनी मुख्य रूप से पानीपत, करनाल और रोहतक में तैयार की जाएगी।
विस्तार योजना: अभी तक चीनी केवल 50 किलो के बैग में बेची जाती थी। अब इसे हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के नजदीकी बाजारों में भी बेचने की तैयारी है। प्रति माह लगभग 15 से 16 हजार क्विंटल पैकेटबंद चीनी की मांग का अनुमान लगाया गया है।
पिछले पाँच वर्षों में चीनी उत्पादन की स्थिति (लाख क्विंटल में):
- 2021-22:29 लाख क्विंटल
- 2022-23:18 लाख क्विंटल
- 2023-24: 34.81 लाख क्विंटल
- 2024-25: 27.88 लाख क्विंटल
- 2025-26: 26.24 लाख क्विंटल

