हाईकोर्ट ने कहा- शिक्षकों की योग्यता और शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राज्य सरकार तय कर सकती है अतिरिक्त पात्रता
Yuva Haryana : हरियाणा में स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) पदों पर नियुक्ति और पदोन्नति के लिए हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) या स्कूल शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) पास करना अनिवार्य रहेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने माना कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित न्यूनतम मानकों से आगे बढ़कर अतिरिक्त पात्रता तय कर सकती है।
न्यायमूर्ति हरिसमन सिंह सेठी और न्यायमूर्ति मिंदरजीत यादव की खंडपीठ ने कहा कि PGT पदों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना मनमाना, अवैध या अधिकार क्षेत्र से बाहर का कदम नहीं माना जा सकता।
PGT नियुक्ति और पदोन्नति दोनों पर लागू होगा नियम
हरियाणा में PGT शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए HTET/STET की अनिवार्यता को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने इस शर्त पर सवाल उठाए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की ओर से तय न्यूनतम योग्यताओं का अर्थ यह नहीं है कि राज्य सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अतिरिक्त पात्रता निर्धारित नहीं कर सकती। राज्य को शिक्षकों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए नियम बनाने का अधिकार है।
इस फैसले से PGT पदों पर सीधी भर्ती के साथ-साथ पदोन्नति की प्रक्रिया में भी पात्रता परीक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
11वीं-12वीं के शिक्षकों के लिए परीक्षा अनिवार्य नहीं होने की दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया था कि 12 नवंबर 2014 की अधिसूचना में 11वीं और 12वीं कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए HTET/STET अनिवार्य नहीं बताया गया था। उनका कहना था कि राज्य सरकार को अतिरिक्त योग्यता तय करने का अधिकार केवल निर्धारित सीमा तक ही होना चाहिए।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि PGT शिक्षक केवल 11वीं और 12वीं कक्षाओं को ही नहीं पढ़ाते, बल्कि वे 9वीं और 10वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी पढ़ा सकते हैं। इसलिए उनकी नियुक्ति और पदोन्नति के लिए पात्रता परीक्षा की शर्त को अनुचित नहीं कहा जा सकता।
पदोन्नति के 67 प्रतिशत पद सीधे भर्ती से भरे जाते हैं
हरियाणा स्कूल शिक्षा संवर्ग के सेवा नियम, 2012 के तहत PGT के 67 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से और 33 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते हैं।
ऐसे में पात्रता परीक्षा का मुद्दा भर्ती के साथ पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों के लिए भी अहम है। अदालत ने माना कि शिक्षा व्यवस्था में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त योग्यता तय करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना राज्य सरकार की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की योग्यता को महत्वपूर्ण माना। अदालत के अनुसार, NCTE द्वारा तय न्यूनतम मानकों से अधिक योग्यता निर्धारित करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, बशर्ते ऐसा नियम कानून के अनुरूप हो।
इस फैसले से हरियाणा में PGT पदों के अभ्यर्थियों और पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा की अहमियत बनी रहेगी। संबंधित शिक्षकों को भर्ती और पदोन्नति के लिए लागू नियमों तथा विभागीय अधिसूचनाओं के अनुसार अपनी पात्रता सुनिश्चित करनी होगी।
कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के फैसले ने हरियाणा में PGT भर्ती और पदोन्नति के लिए HTET/STET की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विराम लगा दिया है। अदालत ने शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त पात्रता तय करने के राज्य सरकार के अधिकार को स्वीकार किया है।

