Yuva Haryana : हरियाणा में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है। इस नई व्यवस्था को प्रदेश की सभी 143 तहसीलों और सब तहसीलों में लागू कर दिया गया है। वहीं सरकार लोगों को कागजी कार्रवाई के झंझट से आजादी मिलने और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाने का दावा कर रही है।
एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री में सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी, क्योंकि यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के बाद लागू की गई है। ऐस में आने वाले दिनों में आपको इसमें नए-नए बदलाव देखने को मिल सकते है।
दरअसल, हरियाणा सरकार इस योजना पर चरणवार काम कर रही है। फिलहाल, पेपरलेस दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य पांच दिनों में हो रहा है। लेकिन, अगले माह के अंत तक दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य 48 घंटे में कराने की योजना पर भी काम चल रहा है।
पेपरलेस रजिस्ट्री में नए सुधार क्या-क्या हो सकते है ?
- दस्तावेजों के सत्यापन का समय घटाकर 48 घंटे
- रजिस्ट्री का आवेदन रद्द होने पर ऑनलाइन जवाब
- रजिस्ट्री क्लर्क और सब रजिस्ट्रार के पास सत्यापन के लिए ऑनलाइन फाइल जाएगी
- भू रिकार्ड का अपने आप होगा मिलान
- संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाई जाएगी
- स्टार रेटिंग का ऑप्शन- 2 स्टार, 3 स्टार और 5 स्टार रेटिंग ऑनलाइन माध्यम से देने की व्यवस्था
- विभागीय पोर्टल या तहसीलों में लगाए गए क्यूआर स्कैनर के माध्यम से सुझाव और शिकायतें देने की भी व्यवस्था होगी
- सभी तहसीलों में मुख्यालय स्तर से फीडबैक क्यूआर मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित होंगे
आपको बता दें कि प्रदेश में एक नवंबर हरियाणा दिवस के अवसर पर पेपरलेस रजिस्ट्री की सौगात मिली थी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र के बबैन से योजना का शुभारंभ हुआ था और यहां 29 सितंबर से 31 अक्टूबर 2025 तक कुल 917 पेपरलेस रजिस्ट्री सफलतापूर्वक की गई।



