Yuva Haryana : हरियाणा में “वोट चोरी” के मुद्दे को कांग्रेस लगातार उठा रही है। सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के बाद अब हरियाणा कांग्रेस इस विषय पर बड़ी रैली करने की तैयारी में जुट गई है।
दरअसल, “वोट चोर-गद्दी छोड़” अभियान चला रही कांग्रेस अब 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट चोर गद्दी छोड़” महारैली करेगी।
इस बड़ी रैली को लेकर दिल्ली में इंदिरा गांधी भवन स्थित एआईसीसी मुख्यालय में हरियाणा कांग्रेस ने एक अहम बैठक की है। बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा सहित पार्टी के सांसद, विधायक और अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस की यह बैठक पूरी तरह रैली की प्लानिंग और भीड़ की रणनीति पर फोकस रही। दिल्ली के नजदीक हरियाणा पड़ने के चलते पार्टी हाईकमान की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि रैली को सफल बनाने के लिए हरियाणा के कांग्रेसियों को पूरा जोर लगाना होगा।

एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार बैठक में रैली के लिए भीड़ जुटाने को लेकर रणनीति तैयार की गई, जिसमें प्रत्येक पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि को साफ टारगेट सौंपा गया।
हरियाणा के सभी सांसदों और लोकसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को 1500-1500 लोग लाने के आदेश दिए गए है। वहीं विधायकों को एक हजार लोग और विधानसभा उम्मीदवारों, जिला अध्यक्षों, पूर्व विधायकों, मंत्रियों और पार्टी के अन्य सभी पदाधिकारियों को 500-500 लोग लाने को कहा गया है।
हरियाणा कांग्रेस ने एनसीआर क्षेत्र में पड़ने वाले जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, पलवल आदि के नेताओं को भी रैली में भीड़ जुटाने के लिए अलग से दिशा-निर्देश दिए है।
आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी करने का आरोप चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाया है, तब से ही हरियाणा कांग्रेस “वोट चोरी” के मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन चला रही है। ऐसे में इस रैली की सफलता भी हरियाणा कांग्रेस पर ही टिकी हुई है।
एक तरफ जहां हरियाणा कांग्रेस जोर-शोर से रैली की तैयारियों में जुटी हुई है तो वहीं दिल्ली इस बैठक में कांग्रेस के कई बड़े नेता नदारद भी दिखे। बैठक में अधिकतर वरिष्ठ नेता थे, लेकिन दो बड़े नाम- सांसद कुमारी शैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला की बैठक से गैरहाजिरी चर्चा का विषय बनी हुई है।



