Yuva Haryana: दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने और बीएस-6 (BS-6) से नीचे के वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली से सटे हरियाणा के बॉर्डर इलाकों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। पिछले तीन दिनों में पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के तहत 1,100 से ज्यादा वाहनों को वापस लौटाया गया है, जबकि नियम तोड़ने वाले 509 से अधिक वाहनों को इंपाउंड किया गया है।
मुख्य बिंदु:
नियमों की सख्ती: 1 नवंबर से दिल्ली में बीएस-6 श्रेणी से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक है। इसके चलते सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और झज्जर जैसे जिलों में विशेष नाके लगाकर जांच की जा रही है।
छूट के नियम: जिन बीएस-4 वाहनों में वैध सीएनजी किट और सभी दस्तावेज सही हैं, उन्हें प्रवेश की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और फिटनेस प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
बॉर्डर पर निगरानी और कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। तय सीमा से अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों और बिना वैध पीयूसी के चल रहे वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
वैकल्पिक मार्ग: नो-एंट्री के दायरे में आने वाले भारी और नॉन-डिस्टिंड (दिल्ली न जाने वाले) वाहनों को केएमपी (KMP) और केजीपी (KGP) एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किया जा रहा है।
विभिन्न जिलों में क्या है स्थिति?
सोनीपत से दिल्ली: सोनीपत पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर से लगते 12 स्थानों (जैसे सिंघु-कुंडली बॉर्डर, सफियाबाद बॉर्डर, औचंदी बॉर्डर आदि) पर नाके लगाए हैं। पीयूसी न होने पर मंगलवार को कई चालान काटे गए।
फरीदाबाद: फरीदाबाद में 5 जगहों पर 24 घंटे जांच की जा रही है। मंगलवार शाम तक सैंकड़ों वाहनों की जांच हुई, जिनमें से कई वाहन डायवर्ट किए गए और दर्जनों चालान काटे गए।
गुरुग्राम: कापसहेड़ा समेत कई बॉर्डर पर पिछले 3 दिनों में करीब 350 वाहन वापस लौटाए गए हैं। यहां मशीनों और वाहनों की सीरीज के जरिए बीएस मानकों की पहचान की जा रही है।
बहादुरगढ़: टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पिछले तीन दिनों में यहां से बड़ी संख्या में वाहनों को वापस भेजा गया है।

