Yuva Haryana: हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद को लेकर स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। मंडियों में 2.32 लाख टन से अधिक धान की आवक होने के बावजूद महज 32 हजार टन फसल की ही सरकारी खरीद हो सकी है। प्रशासनिक ढिलाई और ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी कमियों के कारण 7.59 लाख एकड़ धान का वेरिफिकेशन अटक गया है, जिससे किसानों के गेट पास नहीं कट रहे हैं।
8 दिन से नहीं बिकी फसल, दुखी होकर किसान ने खाया जहर
घरौंडा की नई अनाज मंडी में 8 दिनों से फसल न बिकने से परेशान होकर एक किसान (जितेंद्र कुमार) ने आढ़तियों के बीच जहरीला पदार्थ खाने का प्रयास किया। साथी किसानों और अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर किसान की जान बचाई। अधिकारियों ने धान में नमी और सफाई का हवाला देकर खरीद रोक रखी थी। हालांकि, इस घटना के बाद तुरंत धान की सफाई कराकर उसकी सरकारी खरीद प्रक्रिया पूरी कराई गई।
मुख्य समस्याएं और जमीनी धरातल (ग्राउंड रिपोर्ट)
वेरिफिकेशन पेंडिंग का एरर: ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर जमीन और फसल का रिकॉर्ड दर्ज होने के बावजूद गेट पास काटते समय “वेरिफिकेशन पेंडिंग” का एरर आ रहा है।
ठेके की जमीन पर संकट: जिन किसानों ने ठेके (लीज) पर जमीन लेकर धान बोया है, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए पटवारी, तहसीलदार, एसडीएम और डीसी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मंडियों में अव्यवस्था: कैथल के पाई निवासी किसान सतीश ने बताया कि 17 एकड़ जमीन ठेके पर ली थी। रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद भी गेट पास न कटने से फसल को आढ़ती के फड़ पर डालने को मजबूर होना पड़ा।
किसानों का उग्र विरोध और प्रदर्शन
खरीद ठप होने से आक्रोशित किसानों ने राज्य भर में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है:
कुरुक्षेत्र: किसानों का कहना है कि ई-खरीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की तुलना में आधी ही जमीन का वेरिफिकेशन हुआ है।
यमुनानगर: भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने सरकार का पुतला फूंका और डीसी को ज्ञापन सौंपा।
फतेहाबाद: टोहाना मंडी में धान की खरीद शुरू न होने पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
अंबाला: करीब 22 हजार एकड़ फसल का वेरिफिकेशन पेंडिंग है।
जमीन के रकबे के हिसाब से वेरिफिकेशन का नियम
प्रशासन के अनुसार, जमीन के रकबे के आधार पर वेरिफिकेशन अधिकारी तय किए गए हैं:
- 15 एकड़ से कम: तहसीलदार स्तर पर।
- 15 से 25 एकड़: एसडीएम (SDM) स्तर पर।
- 25 एकड़ से अधिक: उपायुक्त (DC) स्तर पर।
मंडियों से धान उठाव पर राहत की उम्मीद
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार से मंडियों से धान का उठाव शुरू करने का निर्णय लिया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाले ट्रांसपोर्टरों की जगह राइस मिलर्स की मदद से धान का उठाव कराया जाएगा। इसके साथ ही राइस मिलर्स की सिक्योरिटी मनी को 50 लाख रुपये से घटाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।

